Himachal Pradesh

बारिश-बर्फबारी ने परियोजनाओं को दी संजीवनी, फिर बढऩे लगा बिजली उत्पादन

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

बारिश-बर्फबारी ने परियोजनाओं को दी संजीवनी; रोजाना 382 लाख यूनिट बिजली उपलब्ध और खपत हो रही 360 लाख यूनिट
हिमाचल प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढऩा शुरू हो गया है। प्रदेश भर में हो रही बारिश- बर्फबारी से बिजली परियोजनाओंं को संजीवनी मिली है। अमूमन 15 मार्च से यहां पर उत्पादन में बढ़ोतरी होती है, जो हर साल का रूटीन है, परंतु इस बार फरवरी महीने के अंत तक बारिश से नदियों में पानी भर गया है और ग्लेशियर बाद में पिघलेंगे। ऐसे में बारिश की वजह से कई परियोजनाओं में उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज होगी। वैसे दो प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जहां पर गाद की वजह से थोड़ी दिक्कत है जिसमें लारजी परियोजना भी एक है। लारजी परियोजना हालांकि शुक्रवार को उत्पादन नहीं कर पाई, मगर यह ज्यादा समय तक बंद नहीं रहेगी। इसके साथ गज परियोजना में भी गाद से समस्या आई है। फिर भी हिमाचल प्रदेश के पास रोजाना 382 लाख यूनिट बिजली उपलब्ध है और रोजाना यहां की खपत 360 लाख यूनिट है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के पास 100 फीसदी बिजली उपलब्ध है, जिससे यहां आसानी से काम चल रहा है। शुक्रवार की बात करें तो कई स्थानों पर बिजली की लाइनें बंद पड़ी हैं और ट्रांसफार्मर नहीं चल रहे हैं।
उस वजह से भी बिजली की खपत उतनी ज्यादा नहीं हुई, मगर फिर भी अब प्रदेश के हालात सुधरने शुरू हो गए हैं। धीरे-धीरे इसमें बेहतरी होगी और इस बार पूरी उम्मीद है कि गर्मियों में हिमाचल प्रदेश में बिजली का अच्छा उत्पादन होगा। राज्य में बारिश और बर्फबारी का दौर अभी जारी है।