Himachal Pradesh

लोन की आखिरी किस्त में 322 करोड़, हिमाचल सरकार ने 10 साल के लिए नोटिफाई किया कर्ज

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हिमाचल सरकार लोन की आखिरी किस्त के तौर पर 322 करोड़ रुपए खुले बाजार से लेगी। राज्य के लिए मंजूरशुदा लोन लिमिट में से यह पैसा लिया जा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की खुली बोली के माध्यम से 12 मार्च को यह पैसा हिमाचल सरकार के खाते में आ जाएगा। इस लोन को 10 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है। भारत सरकार हिमाचल को सकल घरेलू उत्पाद के आधार पर लोन लिमिट देती है और करीब 7000 करोड़ का लोन सरकार हर साल ले सकती है
इस लोन लिमिट में से 463 करोड़ के आसपास लिमिट बची थी, लेकिन राज्य सरकार ने नाबार्ड की लोन लिमिट बीच में बढ़ाई। इसके बाद बची 322 करोड़ की राशि का लोन अब लिया जा रहा है। यह वर्तमान वित्त वर्ष की आखिरी किस्त है और इसके बाद पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में लोन की लिमिट रिवाइज हो जाएगी। हिमाचल सरकार को 31 मार्च को ट्रेजरी क्लियरेंस भी करनी है, इसलिए भी यह पैसा काम आएगा।
सरकार ने दो अधिकारियों को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार
विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले राज्य सरकार ने दो अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार दिया है। 2008 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश शर्मा को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव के साथ सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। यह विभाग इससे पहले वित्त सचिव देवेश कुमार के पास था। मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए एक अन्य आदेश के तहत 2007 बैच के एचएएस अधिकारी वीरेंद्र शर्मा को विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार और श्रम आयुक्त के अलावा हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन के एमडी का पदभार भी दिया गया है। इस पद पर इससे पहले डॉ निपुण जिंदल तैनात थे।