पंचायत चुनाव पहले क्यूआर कोड स्कैन, फिर मिलेंगी मतपेटियां
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
आयोग ने नई एप्लीकेशन इवेंटरी मैनेजमैंट की तैयार, पंचायती राज-शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियां शुरू
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी निकायों के सामान्य निर्वाचन वर्ष 2025-26 में होने संभावित हैं। इसके दृष्टिगत आयोग ने इस दिशा में अभी से तैयारियां आरंभ कर दी हैं। मंगलवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के सामान्य चुनावों से जुड़े अधिकारियों के लिए आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आयोग द्वारा एक नई एप्लीकेशन इवेंटरी मैनेजमैंट तैयार की है। मतदान दलों को मतपेटियां इस एप्लीकेशन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके दी जाएंगी। इसी तरह चुनाव से संबंधित समस्त सामग्री को भी इस एप्लीकेशन के माध्यम से वितरित किया जाना प्रस्तावित है।
आयुक्त ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन स्टोर की साफ-सफाई का कार्य आरंभ करने तथा पुराने निर्वाचन के अभिलेख को नियमानुसार नष्ट किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। आयुक्त द्वारा जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए गए कि पूर्व निर्वाचनों में जिन अभ्यर्थियों को चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित किया गया है कि सूची प्रत्येक रिटर्निंग अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी को उपलब्ध करवाई जाए। इस अवसर पर एडीसी विनय कुमार, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, सभी उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार तथा पंचायत निरीक्षण उपस्थित थे।
जरूरी निर्देश
आयोग ने जिलाधीश को निर्देश दिए कि पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के उपरांत वार्डों के निर्धारण एवं आरक्षण का कार्य 30 जून तक अवश्य समाप्त किया जाए।
