शिमला और जबलपुर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में एमओयू
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
शैक्षणिक कार्यक्रमों, संगोष्ठी सम्मेलनों के साथ शोध के क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम
भारत में कानूनी शिक्षा के परिदृश्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला ने धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एचपीएनएलयू शिमला की कुलपति प्रो डा. प्रीति सक्सेना के नेतृत्व में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग की शुरुआत का प्रतीक है। यह साझेदारी एचपीएनएलयूए शिमला और डीएनएलयूए जबलपुर के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान शैक्षणिक सहयोग और अभिनव कानूनी कार्यक्रमों के विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। समझौता ज्ञापन कानूनी शिक्षा, अनुसंधान, छात्र और संकाय विनिमय और संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों के क्षेत्रों में आपसी विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। इसके तहत दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों को शिक्षण, सम्मेलनों और शोध पहलों में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों विश्वविद्यालयों के पीएचडी उम्मीदवारों को संयुक्त पर्यवेक्षण व्यवस्था सहित किसी भी संस्थान के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा।
इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के शैक्षिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाना है, जिसमें संवैधानिक सिद्धांतों और सामाजिक न्याय के साथ तालमेल बिठाते हुए पारंपरिक कानूनीए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। साझेदारी दोनों संस्थानों की शोध क्षमताओं को भी बढ़ाएगी, जिससे भारत में कानूनी छात्रवृत्ति के विकास में योगदान मिलेगा।
