HRTC की तर्ज पर निजी बस ऑपरेटर्ज को भी दिया जाए मुआवजा
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
प्राइवेट बस ऑपरेटर संघ ने डिप्टी सीएम से मुलाकात कर बताई मांगें
निजी बस ऑपरेटर संघ ने एचआरटीसी को मिलने वाले वार्षिक 170 करोड़ रुपए के मुआवजे की तर्ज पर निजी बस ऑपरेटरों को भी मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष राजेश पराशर ने सोमवार को प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को आ रही दिक्कतों को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भेंट की। संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीघ्र ही शिमला में एक विशेष बैठक का आयोजन किया जाए, जिसमें हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को आमंत्रित किया जाए।
इस बैठक में प्रधान सचिव (परिवहन), परिवहन निदेशक एवं सचिव (राज्य परिवहन प्राधिकरण) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार निजी बस ऑपरेटर्ज की हर समस्या को गंभीरता से लेगी और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। इस दौरान निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष राजेश पराशर ने उपमुख्यमंत्री से समक्ष विभिन्न मांगों को रखा।
ये हैं निजी बस ऑपरेटर्ज की डिमांड
निजी बस ऑपरेटज सरकार से मांग की है कि महिलाओं के किराए में छूट का समान वितरण वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है। संघ ने मांग की है कि या तो इस छूट को समाप्त किया जाए या निजी बसों में भी इसे लागू किया जाए। साथ ही संघ ने सरकार से न्यूनतम किराए में वृद्धि करने की मांग की है।
