Himachal Pradesh

Himachal: 400 शराब ठेकों के लिए नहीं मिले खरीददार, अब एक-एक कर शराब की दुकानें बेचेगी सरकार

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

अब एक-एक कर शराब की दुकानें बेचेगी सरकार

दो दिन होंगे टेंडर, 9-10 अप्रैल को नीलामी

हिमाचल प्रदेश में सरकार अब उन शराब ठेकों को अकेले-अकेले बेचेगी, जिनके लिए अभी तक किसी ने टेंडर में हिस्सा नहीं लिया है। कोई भी व्यक्ति उसके लिए अपनी निविदा डाल सके। इससे उन शराब ठेकेदारों की एकजुटता को तोड़ा जा सकेगा, जो पूलिंग करके शराब ठेकों की बिक्री में शामिल नहीं हो रहे हैं। प्रदेश में ऐसे करीब 400 से ज्यादा शराब ठेके शेष बचे हैं, जिनको खरीददार नहीं मिल पा रहे हैं। केवल 50 हजार की अर्नेस्ट मनी के साथ इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। माना जा रहा है कि कई शराब ठेकों को लेने के लिए ऐसे लोग सामने आ जाएंगे जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे। क्योंकि उसमें बड़े-बड़े शराब ठेकेदारों के साथ मुकाबला रहता था और शराब का एक ठेका नहीं मिलता था, बल्कि पूरे यूनिट के लिए टेंडर किए जा रहे थे। सोमवार व मंगलवार को पांच जिलों में सिंगल शराब ठेके के लिए टेंडर किया जाएगा, जिसके आदेश राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने निकाल दिए हैं।

इसके बाद नौ व 10 अप्रैल को जितने भी टेंडर आए होंगे, उनको खोलकर नीलामी की जाएगी। बता दें कि यूनिट में पांच या इससे भी ज्यादा शराब ठेके एक साथ बेचने का प्रावधान रहता है, जिसके लिए भारी भरकम फीस शराब ठेकेदारों को चुकता करनी पड़ती है। जिन जिलों में अब सिंगल शराब ठेके के लिए टेंडर होंगे, उनमें कांगड़ा सबसे प्रमुख है वहीं इसके बाद शिमला, कुल्लू, लाहुल स्पीति, पांगी एरिया, मंडी व बिलासपुर शामिल हैं। यहां पर कई शराब ठेकों की बिक्री अब तक नहीं हो सकी है।

2850 करोड़ का टारगेट

इस बार सरकार ने 2600 करोड़ रुपए के वार्षिक राजस्व की बजाय राज्य कर एवं आबकारी विभाग को 2850 करोड़ रुपए का टारगेट दिया है। यह टारगेट पूरा होता है, तो प्रदेश सरकार को राहत मिलेगी।

यहां, इतने ठेके नहीं बिके

शिमला जिला की बात करें तो यहां पर अभी तक 133 शराब ठेकों की बिक्री नहीं हो पाई है, वहीं मंडी जिला में 134 ऐसे शराब ठेके हैं जिनको बेचा नहीं जा सका है। बिलासपुर में कुल 16 शराब ठेकों की बिक्री अभी तक नहीं हुई है। कुल्लू व लाहुल स्पीति में 76 शराब ठेके हैं, जिनकी बिक्री नहीं हुई है। कांगड़ा जिला 102 शराब ठेकों की बिक्री नहीं हो पाई है।