दस मई को सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी समझौते के आधार पर सुलझाए जाएंगे लंंबित मामले
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
आपसी समझौते के आधार पर सुलझाए जाएंगे लंंबित मामले, चालानों का भी होगा निपटरा
हिमाचल प्रदेश में दस मई 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा। सुनवाई में आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाउंस मामले, मोटर व्हीकल चालान, धन वसूली, सडक़ दुर्घटना क्लेम, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति से संबंधित मामलों का निपटारा शामिल होगा। लोक अदालत का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
इसके अलावा, लोक अदालत में न्यायालय शुल्क नहीं लिया जाता और पुराने मुकदमों का शुल्क भी वापस कर दिया जाता है। साथ ही, इसमें किसी भी पक्ष को सजा नहीं होती। जो लोग अपने मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से करवाना चाहते हैं, वे दस मई से पहले प्रदेश के सभी न्यायालयों में सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं।
सात लाख वाहन चालकों के चालान पेंडिंग
एमवी चालान में आवश्यक संख्या में कंपाउंडिंग अधिकारियों को प्री-लोक अदालत बैठकों और आठ मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन के लिए प्रतिनियुक्त करने का अनुरोध किया जाता है। प्रदेश में करीब सात लाख से अधिक वाहन चालकों के चालान पेंडिग पड़े हैं। पुलिस विभाग के टीटीआर विंग की ओर से प्रदेश सभी पुलिस अधीक्षकों को भी इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस विभाग भेज रहा मैसेज
एआईजी टीटीआर विनोद कुमार का कहना है कि पेंडिंग पड़े चालानों का निपटारा करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा भी वाहन चालकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
