हिमाचल की इकोनोमिक ग्रोथ बढ़ाएगी सिंघी, बेस्ट बंगाल से आयात मछली बीज नालागढ़ कार्प फार्म में होगा तैयार
बेस्ट बंगाल से आयात दस हजार मछली बीज नालागढ़ कार्प फार्म में होगा तैयार
पंगेसियस और रूपचंदा की तर्ज पर अब सिंघी नामक मछली की नई वैरायटी हिमाचल की इकोनोमिक ग्रोथ के लिए एक बड़ा माध्यम बनेगी। बाजार में इसकी कीमत 500 से लेकर 1000 रुपए प्रतिकिलोग्राम तक है। इस नई वैरायटी को पहली बार प्रदेश में इंटरडयूस किया गया है और यह नालागढ़ कार्प फार्म में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार की जाएगी। एक साल के ट्रायल में सक्सेस रहने पर प्रदेश में बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया जाएगा। यह रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिटस्म और वॉयोफ्लॉक तकनीक से तैयार की जाएगी। शुरुआती चरण में बेस्ट बंगाल से दस हजार मछली बीज मंगवाया है। मत्स्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर (अतिरिक्त कार्यभार निदेशक) पवन कुमार शर्मा और सहायक निदेशक डा. सोम नाथ ने बताया कि सिंघी मछली पहली बार हिमाचल में इंटरडयूस की गई है। इस मछली की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ एक ही कांटा होता है, जो आसानी से निकाला जा सकता है।
यह प्रजाति बेस्ट बंगाल के अलावा छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश इत्यादि राज्यों में भी पाई जाती है। विभाग ने शुरुआती चरण में पायलटबेस पर दस हजार मछली बीज मंगाया है, जबकि परिणाम सफल रहने पर इसका बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाएग। नालागढ़ फार्म में एक साल के ट्रायल के बाद तैयार बीज को जलाशयों में डाला जाएगा, जबकि आने वाले समय में सिंघी का भी ब्रूड स्टॉक तैयार किया जाएगा। -एचडीएम
हार्ट और टीबी के लिए भी रामबाण
सिंघी मछली एक खास प्रकार की मछली है, जो भारत और दक्षिण एशिया में पाई जाती है। इसे हिट्रोफिनियस्टस फॉसिल्स भी कहा जाता है। इसमें विटामिन डी पाया जाता है
