Himachal Pradesh

कांट्रैक्ट खत्म, अब ट्रेनी भर्ती करेगी सरकार, हिमाचल कैबिनेट में फैसले के बाद नई पॉलिसी नोटिफाई

Spread the love

हिमाचल में अनुबंध भर्ती नीति पूरी तरह खत्म हो गई है। इसकी जगह बुधवार को राज्य सरकार ने ट्रेनी भर्ती की नई पॉलिसी नोटिफाई कर दी। कार्मिक विभाग की सचिव की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग अध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, जिलाधीशों और निगम बोर्डों के अलावा सरकार की दो भर्ती एजेंसियों-राज्य चयन आयोग और लोक सेवा आयोग को यह पॉलिसी भेजी गई है। इस पॉलिसी के अनुसार राज्य सरकार अब अनुबंध की जगह ट्रेनी ही भर्ती करेगी। चयनित उम्मीदवार नौकरी ऑफर होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट की तरह ही एक एग्रीमेंट साइन करेगा। इस पॉलिसी के दायरे में जिन्हें नौकरी ऑफर हो चुकी है, उनके अलावा जिन पदों को भरने की रिक्विजिशन भर्ती एजेंसियों को जा चुकी है, वे पद भी आएंगे। इसमें राहत की बात यह है कि अब भर्ती आयोग नए नियमों का इंतजार किए बिना अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। यह नीति जो पद विज्ञापित हो चुके हैं, जहां सिलेक्शन प्रोसेस शुरू हो गया है या कंप्लीट हो गया है, जहां रिकमेंडेशन कर दी गई है और जहां अप्वाइंटमेंट ऑफर कर दी गई है, पर लागू होगी। इस नीति के तहत भरे जाने वाले पद के आगे ट्रेनी शब्द लगेगा और उनकी रेगुलराइजेशन के लिए सरकार अलग से निर्देश जारी करेगी।
हालांकि ट्रेनी अवधि का एग्रीमेंट दो साल का ही होगा। ट्रेनी कर्मचारियों को पे मैट्रिक्स के पहले सैल का 60 फीसदी वेतन मिलेगा, जैसा अनुबंध के दौरान मिलता था। उनकी छुट्टियां भी अनुबंध कर्मचारियों की तरह ही रहेंगी। महिला कर्मचारी को 180 दिन की मैटरनिटी लीव मान्य होगी। यदि ट्रेनी कर्मचारी का कंडक्ट और काम संतोषजनक नहीं होगा,