HRTC ने ढाबों के लिए अपनाई नई नीति, शिकायत आने पर इतना होगा जुर्माना
तीन साल तक अप्लाई नहीं कर पाएगा ढाबा मालिक
यात्रियों को गुणवत्ता युक्त खाना, जरूरी व्यवस्था देना जरूरी
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने साथ पंजीकृत ढाबों के लिए नई नीति अपनाई है। इस नीति को लागू कर दिया है और बाकायदा ढाबा संचालकों को इसके बारे में अवगत कराया जा रहा है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने तीन डिविजनों में ढाबा मालिकों के साथ बैठकें की हैं और उनको इस बारे में जागरूक किया है। उन्हें बताया है कि अब एचआरटीसी किस नीति के साथ आगे बढ़ेगा। एचआरटीसी ने जिन नियमों को यहां लागू किया है उसके मुताबिक ढाबा संचालकों को यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं देनी होंगी और इनको सुनिश्चित करना होगा। आए दिन इन ढाबों को लेकर शिकायतें आती रहती हैं जिसपर अब एचआरटीसी ने साफ कर दिया है कि पहली शिकायत आने पर ढाबा संचालक को पांच हजार रूपए का जुर्माना किया जाएगा। उसी ढाबे की यदि दूसरी शिकायत आती है तो उसे 10 हजार रूपए का जुर्माना किया जाएगा और तीसरी बार शिकायत मिलने पर 15 हजार रूपए का जुर्माना वसूल किया जाएगा। इतना ही नहीं तीन बार शिकायत आने के बाद तीन साल के लिए उस ढाबे को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। यानि तीन साल तक वह एचआरटीसी को ढाबे के पंजीकरण के लिए अप्लाई नहीं कर सकेगा।
जानकारी के अनुसार इस नई नीति को लेकर एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने ढाबा संचालकों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। उन्होंने हमीरपुर, कांगड़ा व शिमला डिविजनों में ढाबों के संचालकों के साथ बैठक के दौरान सख्त हिदायतें दी हैं और उनको कहा है कि उनके यहां पर आने वाले यात्रियों को वह गुणवत्तायुक्त भोजन की व्यवस्था करें साथ ही सफाई व्यवस्था व मूलभूत जरूरतों को वहां पूरा किया जाए।
