द्विपक्षीय स्तर पर हुआ भारत पाक के बीच संघर्ष विराम, विदेश सचिव ने खारिज किया ट्रंप का दावा
संसदीय समिति की बैठक में विदेश सचिव ने खारिज किया ट्रंप का दावा
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संसद की स्थायी समिति के सामने सोमवार को सीजफायर में ट्रंप की भूमिका और पाकिस्तान, तुर्की से साथ तनावपूर्ण संबंधों समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष पर संसदीय समिति को ब्रीफ किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत एयरस्ट्राइक और 10 मई को हुए भारत-पाकिस्तान सीजफायर सहमति की पूरी जानकारी दी। बैठक में कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी की अपराजिता सारंगी व अरुण गोविल जैसे कई सदस्य मौजूद रहे।
इस दौरान विदेश सचिव ने कहा कि भारत-पाक के बीच मध्यस्थता को लेकर किए जा रहे ट्रंप के दावे सही नहीं हैं। इस दौरान समिति ने एक स्वर में मिस्री और उनके परिवार पर हुए साइबर हमले की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान मिसरी ने संसदीय समिति को बताया, कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पूरी तरह द्विपक्षीय स्तर पर हुआ और ट्रंप के दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने सीजफायर के बीच में आने के लिए हमसे कोई अनुमति नहीं ली थी, वह आना चाहते थे, इसलिए आ गए।
तुर्की से हमारे संबंध कभी बुरे नहीं रहे
तुर्की से संबंधों पर मिसरी ने कहा कि हमारे तुर्की से कभी बुरे रिश्ते नहीं रहे, लेकिन हम कभी करीबी साझेदार भी नहीं रहे। तुर्की के साथ किसी भी संघर्ष में व्यापार का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
