शिमला समझौते पर आंच नहीं आनी चाहिए, शिमला में जय हिंद सभा के दौरान बोले मुकेश अग्निहोत्री
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि शिमला इतिहास का गवाह रहा है जहां पर स्व. इंदिरा गांधी के समय में भारत-पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार को कहा कि इस शिमला समझौते पर आंच नहीं आनी चाहिए। यहां जयहिंद सभा को संबोधित करते हुए मुकेश ने कहा कि वर्ष 1972 में समझौता हुआ था जिस वक्त स्व. इंदिरा गांधी शिमला आई थीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति यहां आए थे और निर्णायक समझौता हुआ। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने उस वक्त सेना के शौर्य और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान दिया था और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए गए।
शिमला समझौते का यही सिद्धांत था कि कोई तीसरी ताकत हस्तक्षेप नहीं करेगी और जब तक कांगे्रस की सरकारें केंद्र में रहीं, ऐसा ही हुआ। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को शिमला समझौते का ध्यान रखना चाहिए और उस पर आंच नहीं आनी चाहिए। यहां सीजफायर करवाने के लिए अमरीका हस्तक्षेप कर रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। मुकेश ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वीर भूमि है जिसे देश के लिए कुर्बानी देने को 1203 मेडल मिले हैं।
