Himachal Pradesh

बिलासपुर सतलुज में बही तीन मोटरबोट, अचानक जलस्तर बढऩे से हादसा, संचालकों को नुकसान

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सतलुज नदी का जलस्तर अचानक ही बढऩे के चलते एक बार फिर बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि जलस्तर बढऩे के चलते तीन मोटरबोट नदी में बह गए। इससे मोटरबोट संचालकों को नुकसान पहुंचा है। जलस्तर बढऩे का कारण एनटीपीसी द्वारा बिना सूचना के ही पानी छोडऩा माना जा रहा है। इससे पहले भी सतलुज का जलस्तर बढऩे के चलते कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। एनटीपीसी कोलडैम की ओर से समय-समय पर पानी छोड़ा जाता है। एनटीपीसी प्रबंधन की मानें तो पानी छोडऩे से पहले जहां हुटर्स हुटर्स बजाया जाता है। एनटीपीसी के हुट्र्स डैहर तक लगाए हैं, लेकिन फिर भी लोगों को समय पर सूचना दी जाती है। बताया जा रहा है कि रविवार रात सतलुज में अत्यधिक पानी आने से बिलासपुर में ऋषिकेश घाट पर खड़े तीन मोटरबोट बह गए। तीनों मोटरबोट बहते हुए मंडी भराड़ी पुल से भी बहुत आगे निकल गए।
एक मोटरबोट को गाह घोड़ी गांव में चालक ने पकड़ लिया, जबकि दो अन्य मोटरबोट पानी के बहाव में बहते हुए काफी आगे निकल गए थे। यह मोटरबोट रामकृष्ण शर्मा, सुरेश कुमार और चमनलाल के थे। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि उनके मोटरबोट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसकी भरपाई एनटीपीसी प्रबंधन से करवाई जाए। एनटीपीसी प्रबंधन का कहना है कि पानी छोडऩे से पहले हुटर्स के माध्यम से सतर्क किया जाता है। वहीं, अन्य स्तर पर भी जानकारी मुहैया करवाई जाती है। पानी छोडऩे को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है।