एक ऐसा राग जिसका दौर लौटा कई वर्षों बाद अब अधिकतर शादियों में गूँज रही इसकी मधुर ध्वनि ……
जनजातीय क्षेत्र भरमौर के होली क्षेत्र की शादियों में कई सालों से बीन का राग सुनने को आम मिल जाता था लेकिन फिर कुछ वर्ष पहले लोगों में अंग्रेजी बैंड बाजों का रिवाज आया और लोगों ने इस देसी संगीत से किनारा कर लिया लेकिन अब कई वर्षों बाद इसका दौर फिर लौट आया है और अब क्षेत्र में होने वाली अधिकतर शादियों में इस देसी साज बीन की धुन आपको सुनाई देगी।
