Bharmour

विश्व प्रसिद्व मणिमहेश यात्रा का राधाअष्टमी स्नान के साथ ही शनिवार को समापन हो गया

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विनोद ठाकुर, भरमौर
विश्व प्रसिद्व मणिमहेश यात्रा का राधाअष्टमी स्नान के साथ ही शनिवार को
समापन हो गया। इस वर्ष यात्रा में अढाई से तीन लाख श्रद्वालुओं द्वारा डल
झील पहंुच कर आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान है। यात्रा के अधिकारिक तौर
पर संपन्न होने के साथ ही मणिमहेश के विभिन्न पडावों पर अब यात्रियों की
संख्या ना के बराबर रही है। बहरहाल मणिमहेश यात्रा के विभिन्न सेक्टरों
में तैनात अधिकारी और कर्मचारी 27 सिंतबर तक डयुटी देंगे।
जानकारी के अनुसार मणिमहेश
यात्रा का अधिकारिक तौर पर शुभारंभ सात सितंबर को हुआ था। इस दौरान
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर डल झील में हजारों यात्रियों ने पवित्र स्नान
किया था। उधर, मणिमहेश यात्रा में राधाअष्टमी का शाही स्नान शुक्रवार
दोपहर बाद एक बजकर 38 मिनट पर आरंभ हुआ और यह शनिवार दोपहर 12 बजकर 18
मिनट तक चला। नतीजतन राधाअष्टमी के शुभ मुहूर्त में हजारों श्रद्वालुओं
ने डल झील में पवित्र स्नान किया है। उधर, एडीसी भरमौर नवीन तंवर का कहना
है कि इस वर्ष मणिमहेश यात्रा में अढाई से तीन लाख श्रद्वालुओं द्वारा डल
झील में स्नान करने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अधिकारिक
तौर पर यात्रा का समापन हो गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के विभिन्न
सेक्टरों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों डयुटी 27 सिंतबर तक रहेगी।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मणिमहेश यात्रा में हिमाचल प्रदेश में आई
प्राकृतिक आपदा का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। जुलाई और अगस्त माह
में भारी तबाही के चलते श्रद्वालु मणिमहेश यात्रा की ओर रूख नहीं कर पाए।
वहीं यात्रा के दौरान भी भरमौर क्षेत्र में तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश
हुई। नतीजतन बीच-बीच में प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा के मध्यनजर
यात्रा को रोकना पडा। हांलाकि राधाअष्टमी के शुभ मुहूर्त में यहां पर
मौसम साफ रहा। लेकिन प्रदेश के दूर के जिलों और बाहरी राज्यों के यात्री
राधाअष्टमी के स्नान में अधिक संख्या में शिरक्त नहीं कर पाए। कुल मिलाकर
पिछले वर्षो की तुलना में इस वर्ष मणिमहेश यात्रा में यात्रियों की
संख्या कम रही है।