जनजातीय क्षेत्र होली के लोगों के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाली होली उतराला सड़क निर्माण की कछुआ चाल को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है…
जनजातीय क्षेत्र होली के लोगों के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाली होली उतराला सड़क निर्माण की कछुआ चाल को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है लोगों का कहना है कि करीब तीन किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए टेंडर हुए लम्बा समय बीत चुका है जबकि इस सड़क का निर्माण कार्य होली की ओर से एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ पाया है बता दें कि होली उतराला सड़क निर्माण का मुद्दा पिछले तीन चार दशकों में हुए चुनावों में दोनों राजनितिक दलों ने खूब उछाला लेकिन अफसोस किसी भी दल की सरकार इस सड़क मार्ग की कवायद को पूरा नहीं कर पाई इस सड़क निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गूंज रहा है और स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस सड़क निर्माण की कवायद को आगे नहीं बढ़ाया गया तो मजबूरन आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा रविवार को होली में होली उतराला सड़क मार्ग निर्माण में तेजी लाए जाने की मांग को लेकर शिव मंदिर प्रांगण होली में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमे होली उतराला सड़क मार्ग संघर्ष समिति का गठन भी हुआ इस समिति में गगन कुमार को प्रधान सुनील कुमार को सचिव लेखराज को उपप्रधान आदित्य कुमार को सहसचिव सुनील कुमार को कोषाध्यक्ष और सुनन्द कुमार को प्रैस सचिव बनाया गया इस बैठक में सभी लोगों ने सरकार से पुरजोर मांग की कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण किया जाए अन्यथा सरकार के खिलाफ एक बडा आंदोलन चलाया जाएगा इस बैठक में होली उतराला सड़क निर्माण की कछुआ चाल को लेकर भी सवाल उठाए गए लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग भरमौर द्वारा इस सड़क का निर्माण बेहद धीमी गति से चला हुआ है जिसे होली की जनता बर्दाशत नही करेगी इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनवरी माह के पहले सप्ताह में तहसीलदार होली के माध्यम से एक ज्ञापन अधिशाषी अभियंता भरमौर को सौंपा जाएगा जिसमें उनसे सड़क निर्माण में हो रही देरी का कारण पूछा जाएगा इस बैठक में राजीव गांधी पंचायती राज विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रह्मानन्द ठाकुर ग्राम पंचायत चन्हौता के प्रधान रोहित राही,देओल के प्रधान अनिल कुमार, न्याग्रा पंचायत प्रधान अशोक राजपूत और ग्राम पंचायत होली के उपप्रधान लेखराज सांह के उपप्रधान बलवंत कपूर उपस्थित रहे।
