मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में पहुंचे 300 देवी-देवता, दर्शनों को उमड़ी भीड़, तिल धरने तक को जगह नहीं
ट्राइबल टुडे न्यूज़ मंडी
ंअंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी में इस बार पहुंचने वाले देवताओं का आंकड़ा 300 को पार गया है। पंजीकृत 216 देवी-देवताओं में से दूसरे दिन तक रविवार तक 188 देवी देवता पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ और देवताओं के आने की उम्मीद है। इसके बाद यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा। पंजीकृत देवी-देवताओं के अलावा अन्य देवी -देवता भी बड़ी संख्या में आए हैं और देवी-देवताओं की संख्या 300 के लगभग पहुंच गई है, जिससे छोटी काशी का नजारा स्वर्ग सा बना हुआ है। इस बार देवी-देवताओं के साथ पिछले वर्ष के ज्यादा संख्या में देवलू भी आए हैं।
पूरा शहर देवलुओं से भरा हुआ है और चारों तरफ देवध्वनियां ही सुबह शाम गंूज रही हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते पड्डल मैदान में आस्था का खूब सैलाब उमड़ा। हजारों लोगों ने पड्डल मैदान पहुंच कर देवी-देवताओं के दर्शन किए। इस बार कालेज मैदान में पिछले वर्ष की जगह ज्यादा देवी-देवताओं को जगह मिली है। इसके साथ ही खेल मैदान में भी बड़ी संख्या में देवी-देवता विराजे हुए हैं। रविवार को मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिलों से बड़ी संख्या में लोग देवी-देवताओं के दर्शनों को पहुंचे और आर्शीवाद लिया।
देवता कमरूनाग के दरबार लाइनें
टारना मंदिर में विराजे देवता कमरूनाग के दर्शनों को लंबी लाइनें लगी हुई हैं। रविवार को हजारों लोगों ने माता टारना और बड़ा देव कमरूनाग के दर्शन किए। कमरूनाग के दर्शन करने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन
कालेज मैदान में देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन भी आपस में देखने को मिला। सर्व देवता कारदार समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बताया कि इस बार शिवरात्रि महोत्सव में आने वाले पंजीकृत देवी-देवताओं की संख्या 188 हो गई है।
देव ध्वनियों से गूंजा कालेज मैदान
बड़ी माता के नाम से मशहूर माता मैहणी, सोना सिंहासन, धारा नागण, निशू पराशरी, माहू नाग, शैटी नाग, देव चुंजवाला, देव चपलांदू नाग, घटोत्कच, मार्कंडेय ऋषि, पुंडरीक ऋषि, बिटठू नारायण, महाकाली, काली चामुंडा, शुकदेव ऋषि और अन्य देवी देवताओं के पास शीश झुकाने वालों का जमघट लगा रहा। कालेज मैदान में पूरा दिन देव ध्वनियों से गंूजता रहा।
