एक अप्रैल से शुरू होगा साच पास दर्रे की बहाली का काम, 20 मई तक खोलने लक्ष्य
ट्राइबल टुडे चंबा
जनजातीय क्षेत्र किलाड़ को जिला मुख्यालय चंबा से जोड़ने वाले किलाड़-वाया साच पास-बैरागढ़ मार्ग को बहाल करने का कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से 1 अप्रैल से शुरू किया जाएगा।
मार्ग पर बेतहाशा बर्फबारी होना ही इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है। मार्ग बहाली का कार्य करवाने को लेकर लोक निर्माण विभाग मंडल पांगी और तीसा पूरी तरह से तैयार हो गया है। विभाग की माने तो इस वर्ष लोक सभा चुनाव को मद्देनजर कार्य तेजी से किया जाएगा।
बता दें कि समुद्र तल से करीब 14,000 फीट की उंचाई पर स्थित साच पास दर्रे को बहाल करना हर साल विभाग के लिए चुनौती पूर्ण ही रहता है। इस बार साच पास दर्रे में अमूमन तीस से 35 फीट के करीब बर्फबारी हुई है। वहीं, कर्थनाला समेत कई स्थानों पर भारी हिमखंड गिरे हुए हैं। ऐसे में मार्ग बहाली को लेकर विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। पिछले वर्ष 2023 में 10 अप्रैल से साच-पास बहाली का कार्य शुरू किया गया और 3 जुलाई को साच-पास यातायात के लिए बहाल हो पाया। लिहाजा, अब लोगों की निगाहें मार्ग बहाली पर टिकी हुई हैं। मार्ग बहाल हो जाने से बैरागढ़ से वाया साच पास किलाड़ की दूरी करीब 172 किलोमीटर रहती है, जबकि किलाड़ से वाया मनाली यही दूरी करीब 650 किलोमीटर और वाया जम्मू करीब सात सौ किलोमीटर है। मार्ग बहाल होने पर पांगी घाटी के लोगों को वाया साचपास होते हुए जिला मुख्यालय चंबा पहुंचने की सुविधा मिलती है।
गौरतलब है कि विभाग ने इस वर्ष साच दर्रे को मई में वाहनों के लिए बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चंबा-पांगी वाया साच मार्ग अक्टूबर में वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो जाता है। लिहाजा लोगों को वाया जम्मू-कश्मीर होते हुए पांगी घाटी में पहुंचना पड़ता है। अधिक बर्फबारी के बाद यह मार्ग भी बंद हो जाता है । बहरहाल, इस बार लोक निर्माण विभाग ने मार्ग की शीघ्र बहाली को लेकर कमर पूरी तरह से कस ली है। उधर, लोक निर्माण विभाग मंडल किलाड़ के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि 1 अप्रैल से साच पास बहाली का कार्या शुरू किया जाएगा और मई 20 तक बहाल करने का लक्ष्य रहेगा।
