लोकसभा चुनाव से पहले जनता को झटका, पहली अप्रैल से दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी, 0.0055 फीसदी इजाफा
ट्राइबल टुडे
लोकसभा चुनाव से पहले आम जनता को महंगाई का हल्का सा झटका लगने वाला है। दरअसल पहली अप्रैल से दर्दनिवारक, एंटीबॉयोटिक्स और संक्रमण रोधी दवाओं सहित अन्य आवश्यक दवाओं की कीमतों में इजाफा होने वाला है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने पहली अप्रैल से आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में शामिल दवाओं की कीमतों में 0.0055 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। ये बढ़ोतरी थोक मूल्य सूचकांक में सालाना बदलाव के मुताबिक की गई है। इसमें कुछ पेनकिलर या दर्दनिवारक दवाएं, एंटीबायोटिक्स और संक्रमण रोधी दवाओं सहित आवश्यक दवाओं की कीमतों में पहली अप्रैल से मामूली इजाफा देखने को मिलेगा।
राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के हवाले से जारी नोटिस के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक में सालाना बदलाव के अनुरूप, केंद्र सरकार ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची के तहत दवाओं की कीमतों में .0055 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए इजाजत दे दी है। कीमतों में यह मामूली बढ़ोतरी पिछले साल दवा की कीमतों में 12 फीसदी और 2022 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद दर्ज की गई है। नई कीमतों के दायरे में राष्ट्रीय सूची में शामिल 800 से अधिक दवाएं आएगी। जरूरी दवाओ की सूची में पैरासीटामॉल, एंजीथ्रोमाइसिन , एंटीएनेमिया दवाएं, विटामिन्स, एस्टेरॉयड्स और मिनरल्स प्रमुख है।
