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20 वर्षों से नहीं हुआ पलानी पुल का निर्माण लोगों ने लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने का बनाया मन

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संवादाता विनोद ठाकुर
ट्राइबल टुडे भरमौर

भरमौर:विधानसभा क्षेत्र भरमौर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बडग्राम के लोगों ने पलानी ब्रिज का निर्माण न होने को लेकर लोकसभा चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का मन बनाया है। लोगों ने इसके लिए ग्राम पंचायत युवक मंडल महिला मंडल सबसे विचार विमर्श करने के बाद तय किया है कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले यहां ब्रिज का निर्माण नहीं हुआ तो संपूर्ण पंचायत लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
गौरतलब है बडग्रां पंचायत को जोड़ने वाले पलानी ब्रिज का काम पिछले 20 सालों से भी पूरा नहीं हो पाया है। ब्रिज का काम पूरा न होने के कारण लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
लोगों ने इसके लिए सोशल मीडिया की जरिए अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की अपील भी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां पर महीने व 15 दिन में पुलों का निर्माण हो रहा है। लेकिन हैरानी की बात है कि ग्राम पंचायत बड़ग्रां को जोड़ने वाले पलानी ब्रिज का काम लगभग 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष क्षतिग्रस्त हुए लूना ब्रिज व चोली ब्रिज को प्रशासन व विभाग ने महीने के भीतर ही बना दिया था तो पलाणी ब्रिज के लिए 20 साल क्यों।

क्या कहते हैं प्रधान ग्राम पंचायत बड़ग्राम

प्रधान ग्राम पंचायत बडग्राम शुभा देवी ने कहा है पलाणी पुल के निर्माण को लेकर अब तक ग्रामीण हजारों बार प्रशासन विभाग व सरकार को अवगत करा चुके हैं। कई बार प्रशासन को धरने के लिए भी लिखा गया है। लेकिन 20 साल की जाने के बाद भी अभी तक इस पुल का काम पूरा नहीं हुआ है। जिसके कारण यहां पर अब तक 50 से अधिक मौतें दुर्घटना में हो चुकी हैं। वहीं महिला मंडल कुठार ने भी लोकसभा चुनाव से पहले पुल का निर्माण नहीं हुआ तो समस्त महिला मंडल ग्रामीणों के साथ लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेगा।
हैरानी की बात यहां पर यह है कि इस ब्रिज का काम पिछले 15 सालों से अधर में लड़का हुआ है। सरकार द्वारा बजट सैंक्शन होने के 35 साल बीत जाने के बाद भी अब तक इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण पूर्ण होने का कारण पलानी नाले पर बनने वाले ब्रिज का मुख्य कारण माना जा रहा है। लोगों ने विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर भी यहां पर मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1987 में इस सड़क का काम शुरू हुआ था लेकिन 35 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक की सड़क नहीं बन पाई है।
हालांकि अब तक इस पुल का दो बार शिलान्यास भी हो चुका है। लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो पाया है सत्ता बदलने के साथ इस पुल की तकदीर अभी तक नहीं बदली है। धार्मिक दृष्टि से भी एक क्षेत्र बहुत ही महत्वपूर्ण है और यहां हर वर्ष सैकड़ो की संख्या में लोग मंदिरों में माथा टेकने जाते हैं।
क्या कहते हैं विभाग के एसडीओ

उधर इस विषय पर सहायक अभियंता उपमंडल भरमौर विशाल चौधरी ने कहा है कि संबंधित पुल का निर्माण कर रहे ठेकेदार की लेटललीफी को लेकर 7% की पेनल्टी डाल दी गई है और नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि अगर जल्दी काम को पूरा नहीं किया किया जाता है तो उन्हें भारी पैनल्टी लगाई जाएगी और उनका टेंडर भी रदद हो सकता है। उन्होनें कहा है प्राथमिकता के आधार पर इस सड़क और पुल का निर्माण कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि वह स्वयं अच्छी तरह से जानते हैं कि वहां लोगों के लिए सड़क व पुल की समस्या है जिसको लेकर वह निजी तौर पर भी काफी प्रयासरत रहते हैं।