दस महीने से डिपुओं में पॉश मशीनों का सर्वर डाउन
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
उपभोक्ता महंगे रेट पर बाजार से खाने-पीने का सामान खरीदने को मजबूर, डिपो धारकों-उपभोक्ताओं का हो रहा आर्थिक नुकसान,
प्रदेश के डिपुओं पर लगाई गई पॉश मशीनों में गत वर्ष जुलाई माह से लगातार सर्वर की समस्या के चलते डिपो धारक अपने उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने में असमर्थ हैं। उपभोक्ता लगातार डिपुओं के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन भाग्यशाली उपभोक्ताओं को ही इसका लाभ मिल रहा है। गत वर्ष जुलाई माह से लगातार मशीनों का सर्वर डाउन है दिन में कभी कभार ही मशीनों के माध्यम से डिपो धारक राशन वितरित कर पा रहे हैं। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने जारी बयान में कहा कि समिति ने कई बार इस विषय में विभाग के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवाया, लेकिन विभाग मस्त है विभाग को कोई परवाह नहीं है। डिपो धारक जब इस संबंध में जिला स्तरीय अधिकारियों से बात करते हैं, तो हमेशा रटा-रटाया जवाब मिलता है कि हमने उच्च सतरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है। पूर्व में जब सर्वर की समस्या आती थी, तो विभाग डिपो धारकों को अन्य विकल्पों से राशन वितरित करने के आदेश जारी कर देता था। पहले विभाग ने सर्वर सही होने के वावजूद जिन राशन कार्डों में एक या दो सदस्य हैं और ऐसे कार्ड धारकों के यदि फिंगर प्रिंट नहीं लगते थे, उन्हें भी अन्य विकल्पों से राशन वितरित करने के आदेश जारी कर रखे थे।
विभाग ने दो माह से यह आदेश भी वापस ले लिए हैं। सरकार भी लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों में टिकट वितरण के लिए पार्टी नेताओं से फीड बैक लेने में ही मशगूल हैं। मतदाताओं की नाराजगी की फीडबैक की चिंता न तो सरकार को है और न ही विभाग को। सर्वर की समस्या के चलते न तो डिपोधारकों को राशन पर खर्च किया गया पैसा मिल रहा है न कमीशन और उपभोक्ताओं को भी सरकार द्वारा अनुदान पर मिल रहे राशन का लाभ मिल रहा है। प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने प्रदेश के मु यमंत्री से मांग की है कि विभाग को इस संबध में कड़े निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जा रहे राशन का लाभ उपभोक्ताओं को मिल सके और डिपो धारकों द्वारा खर्च किया गया पैसा व कमीशन उनको मिल सके। कवि ने कांग्रेस पार्टी द्वारा विधानसभा चुनावों से पूर्व डिपो धारकों के साथ किए गए वायदे को सरकार द्वारा अभी तक पूरा न करने पर भी नाराजगी जाहिर की है।
