Himachal Pradesh

इलेक्टोरल बांड बड़ा घोटाला, SC ने खोली पोल

Spread the love

संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है, जिसकी पोल सुप्रीम कोर्ट ने खोल दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सरकारी एजेंसियों को दुरुपयोग कर कंपनियों से धन की उगाही की और इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए चंदा लिया।
कांग्रेस को भाजपा से परिवारवाद और राष्ट्रवाद का ज्ञान लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के दो प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपनी जान तक बलिदान कर दी। इससे बड़ा राष्ट्रवाद का उदाहरण देश के इतिहास में और क्या हो सकता है। देश के निर्माण में कांग्रेस के अनेकों नेताओं ने अपना खून और पसीना बहाया है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भाजपा को परिवारवाद की परिभाषा पर भी स्पष्टीकरण देना चाहिए। लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश से लेकर पूरे देश में भाजपा के 50 से अधिक उम्मीदवार किसी न किसी राजनीतिक परिवार से आते है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी पार्टी का परिवारवाद दिखाई नहीं दे रहा और वह सिर्फ प्रदेश के लोगों को गुमराह करने के लिए बयान दे रहे हैं। भाजपा नेता चुनाव के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस चुनाव असली मुद्दों पर लोगों का ध्यान खींचती रहेगी।
धनबल से सरकार गिराने का प्रयास
शिमला। मुख्य संसदीय सचिव और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हो रहा विकास भाजपा नेताओं को रास नहीं आया, इसीलिए उन्होंने धन की ताकत का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश की। कांग्रेस सरकार से एक साल के विकास का हिसाब मांगने वाले भाजपा के नेता यह भूल गए है कि उनके कार्यकाल में प्रदेश में अव्यवस्था का आलम था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगने का ही काम किया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं को नौकरियां जॉब ऑन सेल के आधार पर दी जा रहीं थीं, जबकि कांग्रेस सरकार ने इस व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए।
आपदा के समय कहां थे भाजपा नेता
शिमला। सातवें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष नंद लाल और मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि जब प्रदेश के लोग मुश्किल वक्त से जूझ रहे थे, तो भाजपा नेता कहां गुम थे। आपदा के दौरान पहले भाजपा नेता विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते रहे और हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव विधानसभा में आया तो भाजपा का कोई भी विधायक प्रभावितों के साथ खड़ा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आपदा में हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा न होना, भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। यही नहीं, प्रदेश के भाजपा नेता केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता में रोड़े लटकाते रहे। नंद लाल और मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए अपना खज़़ाना खोल दिया और अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि असहायों का दर्द समझते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए नियमों में बदलाव किया। बिना केंद्र सरकार की सहायता के प्रदेश सरकार ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान की सहायता राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया। इसके अतिरिक्त बिजली-पानी का कनेक्शन राज्य सरकार फ्री प्रदान कर रही है और घर निर्माण के लिए सीमेंट भी सरकारी दरों पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा कच्चे व पक्के मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले राज्य सरकार ने मुआवजे को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।