चंबा:प्री प्राइमरी की कक्षाएं तो शुरू कीं, पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
चंबा। निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्री प्राइमरी कक्षाएं तो सरकारी स्कूलों में शुरू कर दी हैं, मगर आज तक इन बच्चाें को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ा रहे अध्यापकों के जिम्मे ही इनका भविष्य है। ऐसे में इन शिक्षकों पर कार्य का बोझ अधिक पड़ गया है। सरकार की ओर से अभी तक कोई नीति अध्यापकों की तैनाती को लेकर नहीं बन पाई है। छह साल का समय प्री प्राइमरी कक्षाओं को शुरू होते बीत गया है। एक तरफ नर्सरी टीचर नियुक्त करने की बातें कही गई हैं, दूसरी ओर आंगनबाड़ी वर्करों के हवाले इन स्कूलों को करने की चर्चाएं भी रहीं, मगर सहमति अब भी तक बन ही नहीं पाई है। ऐसे में हजारों बच्चों का भविष्य जुगाड़ के सहारे चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला चंबा में 778 प्री प्राइमारी स्कूल हैं। यहां जेबीटी के सहारे पढ़ाई चल रही है। इन स्कूलों में करीब आठ हजार नौनिहाल आधार पक्का करने के लिए पहुंच रहे हैं। स्थायी अध्यापक न होने से परेशानियां पेश आ रही हैं।
जिला प्री प्राइमरी समन्वयक ओंकार वर्मा का कहना है कि जिले में 778 सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। इन स्कूलों में प्राइमरी स्कूलों में तैनात स्टाफ ही व्यवस्था देख रहा है। सरकार की ओर से अभी तक नियुक्तियों संबंधित दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं।
