आंखों की एलर्जी ने जकड़ा हमीरपुर
ओपीडी में 70 फीसदी मरीज एलर्जी के; बच्चों में ज्यादा मामले, अधेड़-बुजुर्ग भी चपेट में,
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर में एलर्जी से पीडि़त आंखों के रोगियों का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। आंखों की एलर्जी ने हमीरपुर के लोगों को बुरी तरह से अपनी चपेट में लिया है। आंखों की एलर्जी के ही आंखों की ओपीडी में 60 से 70 फीसदी मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बच्चों की सामने आई है। छह महीने से लेकर 14 साल तक के बच्चों की आंखे एलर्जी की चपेट में आ रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण चीड़ के पेड़ों से निकलने वाले सूक्षम कण तथा गेंहू की थ्रेसिंग से उडऩे वाले कणों को माना जा रहा है।
हालांकि इसका कारण धूल मिट्टी भी हो सकती है। वहीं सामने आया है कि अधेड़ आयु के लोग भी आंखों की एलर्जी की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सक बताते हैं कि पहले अधेड़ आयु के लोगों में गर्मियों के सीजन में एलर्जी होने की संभावनाएं बहुत कम थीं लेकिन अब सामने आ रहे मरीजों के आंकड़े से साबित हो रहा है कि अधेड़ उम्र के लोग भी एलर्जी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं बुजुर्गों में भी आंखों की एलर्जी के मामलों में बढ़ौतरी हुई है। ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक आंखों की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें आंखों की एलर्जी के ही 80 से 90 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं
आंखों की एलर्जी होने पर न करें यह गलती
-आंखों में एलर्जी होने पर आंखों को कभी पानी के छींटे न लगाएं।
– यदि ज्यादा दिक्कत लगे तो नार्मल पानी में काटने को भिगोने के उपरांत निचोडक़र आंखों पर रख सकते हैं।
– बिना चिकित्सक की सलाह के न लेें कोई दवाई
– आंखों की एलर्जी होने पर इग्नोर न करें तथा जल्द इलाज के लिए आंखों के चिकित्सक के पास पहुंचें।
– आंखों की एलर्जी होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के निजी क्लीनिक पर दवाई न लें।
