जांच अधिकारियों का दावा लीक हुआ था नीट का पेपर
बिहार में 25 छात्रों को एक दिन पहले मिल गया था पेपर
गुजरात में 10 लाख रुपए में पर्चा हल कर रहे थे सॉल्वर,
संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
नीट एग्जाम के पेपर लीक की जांच कर रहे अधिकारियों ने दावा किया है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही छात्रों को पेपर मिल गया था। लगभग 25 छात्रों के पास क्वेश्चन पेपर के साथ आंसर-की पहुंच गई थी। पांच मई को हुए नीट एग्जाम पर पेपर लीक के आरोप लग रहे थे, जिसे लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने ट्वीट भी किया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच कर रहे पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया है कि बिहार के अलग-अलग जगहों से एस्पिरेंट्स को पटना के रामकृष्ण नगर में एक किराए के मकान पर लाया गया, जहां उन्हें क्वेश्चन पेपर उपलब्ध कराए गए। इस पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड नालंदा का रहने वाला संजीव सिंह बताया जा रहा है। रामकृष्ण नगर के एक किराए के मकान में निचले तल्ले पर बने दो कमरों में 25 छात्रों को प्रश्न और उसके उत्तर रटवाए गए थे। यहीं से पुलिस को जले हुए प्रश्नपत्र भी बरामद हुए हैं।
इस मामले में चार उम्मीदवारों और उनके माता पिता सहित कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। उधर, गुजरात पुलिस ने बताया कि राज्य के पंचमहल जिला के गोधरा में परीक्षा के दौरान मदद करने में संलिप्त होने के कारण एक स्कूल टीचर और दो अन्य के खिलाफ क्रिमिनल केस रजिस्टर हुआ है। उन पर नीट एग्जाम में शामिल छह उम्मीदवारों से 10-10 लाख रुपए लेकर पेपर हल कराने का आरोप है। गौर हो कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को नीट एग्जाम के पेपर लीक होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया था। इसके लिए एनटीए ने आधिकारिक नोटिस जारी किया था। एनटीए अधिकारी ने बताया था कि राजस्थान के सवाई माधोपुर के एक सेंटर और छत्तीसगढ़ के बालोद सेंटर पर हिंदी मीडियम की जगह इंग्लिश मीडियम का पेपर बांट दिए गए थे। यहां से कुछ छात्र पेपर लेकर भाग गए। इनमें से ही किसी ने पेपर वायरल किया होगा। हालांकि तब तक पेपर शुरू हो चुका था, इसलिए इसे पेपर लीक नहीं माना जाएगा।
