चुनावी मुद्दा : बड़ोह तहसील में टूटा रेनशेल्टर, 20 पंचायतों को टेंशन
पिछली बरसात में धराशायी हुआ शेड, काम करवाने आन वाले हजारों लोगों को हो रही दिक्कत
पर्यटन के सपने संजोए नगरोटा बगवां हलके का चंगर इलाका अब भी सुविधाओं से महरूम
जनप्रतिनिधि बोले, सरकार-प्रशासन ने आज दिन तक न ली सुध, नेता करते हैं कोरे वादे
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
पर्यटन के सपने संजोने वाले नगरोटा बगवां हलके का चंगर इलाका अब भी विकास की राह ताक रहा है। नगरोटा बगवां हलके के तहत बड़ोह तहसील में पिछली बरसात में 20 पंचायतों के हजारों लोगों को आसरा देने वाला रेनशेल्टर टूट गया था। अब दूसरी बरसात भी शुरू होने वाली है, लेकिन प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन अब तक इस रेनशैल्टर को नहीं बना पाया है। इससे इलाके के हजारों ग्रामीणों में निराशा का आलम है। लोकसभा के चुनावी दौर में अब यह मसला गरमाने लगा है। हजारों लोगों का कहना है कि नेताओं ने उन्हें इस मसले पर सिर्फ छला है। इस बारे में एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के जिलाध्यक्ष, नंबरदार व समाजसेवी बलविंद्र सिंह बबलू का कहना है कि हजारों लोगों का सहारा बने रेनशेल्टर को ठीक नहीं करवाया जा रहा है,जबकि सरकार की ओर से पर्यटन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। सरकार को चाहिए कि पहले वह मूलभूत विकास करवाए, उसके बाद नई घोषणाएं करे। बलविंद्र सिंह बबलू ने कहा कि मई महीना आधे से ज्यादा बीत गया है। जून के अंतिम सप्ताह में बरसात उतर आती है। ऐसे में इस रेनशैल्टर को कब ठीक किया जाएगा, यह बड़ा सवाल है।
बलविंद्र सिंह बबलू ने उपायुक्त कांगड़ा हेमराज वैरवा से मांग उठाई है कि वह इस दिशा में उचित कदम उठाएं। इस बारे में सुन्नी पंचायत प्रधान राजीवना, कंडी पंचायत प्रधान मधुसूदन, खोवा पंचायत प्रधान मनोज, लूहना की प्रधान वीना देवी ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इस रेनशैल्टर को ठीक करवाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके हजारों लेागों की मुश्किल बढ़ा दी गई है। बरसात सिर पर है, लेकिन इस रेनशेल्टर को ठीक नहीं करवाया जा रहा है। यह बड़े दुख की बात है। दनोआ पंचायत प्रधान आशीष ठाकुर, उपप्रधान सतीश व सद्दूं पंचायत प्रधान अर्चना कुमारी ने कहा कि सैकड़ों ग्रामीण उनके पास इस बारे में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन या सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। दूसरी ओर तहसील में स्टांप विक्रेताओं को भी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है।
प्रदेश सरकार और प्रशासन को जल्द इस दिशा में प्रयास करने चाहिएं, 20 पंचायतों के हजारों लोगों को दिक्कत हो रही है
बलविंद्र सिंह बबलू, जिलाध्यक्ष, एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट
रेनशेल्टर के लिए बजट आ गया है, कोड आफ कंडक्ट हटते ही पीडब्ल्यूडी के जरिए इस काम को शुरू करवा दिया जाएगा
मुनीष शर्मा, एसडीएम,नगरोटा बगवां
