सिरमौर में एनएच की फाइल बंद, पांच साल से निर्माण पर ब्रेक
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
साल 2019 के लोकसभा चुनावों में केंद्र सरकार ने की थी नौ नेशनल हाई-वे बनाने की घोषणा, अब हो रही अनदेखी
केंद्र सरकार की जिला सिरमौर में नौ नेशनल हाई-वे निर्माण की घोषणा विगत लोकसभा चुनावों के बाद आज तक पूरी नहीं हो पाई है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में केंद्रीय सडक़ परिवहन राष्ट्रीय राज्यराज मार्ग मंत्रालय द्वारा शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले नौ नेशनल हाई-वे के लिए घोषणा की गई थी, जो कि मात्र कंसलेंटेट अलाइंमेंट तक ही सीमित रहने के बाद बंद हो गई। भले ही विकास की इबारत लिखने के दावे केंद्र सरकार द्वारा किए जाते रहे है, मगर जिला सिरमौर आज भी सडक़ों के मामलें में सौतेला ही है। गौर हो कि शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत एनएच 705 के तहत छैला सैंजधाट व एनएच 907 के तहत सराहन तक 108 किलोमीटर नेशनल हाई-वे, सलेच, चंदौल, हाब्बन, बडूसाहिब बागथन, बनेठी 127 किलोमीटर, सनौरा, राजग-सजय, नौहराधार, हरिपुरधार, रोनहाट, जामली जो कि एनएच 707 के तहत आते है को राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत निर्माण किया जाना प्रस्तावित किया गया। वहीं सतौन, रेणुकाजी, ददाहू जमटा दोसडक़ा 56 किलोमीटर सडक़ एमडीआर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत लिया गया। जबकि हरिपूरधार, संगडाह रेणुकाजी, तिरमली, बायला व धौलाकुआं के 79 किलोमीटर के सडक मार्ग, हरिपूरधार, कुपवी, तरांहन, सरांहन, चौपाल के अलावा कफोटा, जाखना, जोंग, तुनिया, हरिपुर 29 किलोमीटर के हिस्से को नेशनल हाई-वे घोषित किया गया।
वहीं ल्वासा चौकी, कोलावाला भूड, बुध माजरी, नारायणग-सजय 46 किलोमीटर सडक़ मार्ग के अलावा ल्वासा चौकी, जामन की सैर-सजयंगियार, टिकरी कथार प्रीतनगर, पिंजौर 53 किलोमीटर सडक़ मार्ग को नेशनल हाई-वे के तहत घोषित किया गया।
