लोकल किसानों से गेहूं खरीद रहा महकमा
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने 729 किसानों के खाते में डाली छह करोड़ 32 लाख रुपए की राशि
प्रदेश सरकार सिविल सप्लाई कारपोरशन के माध्यम से राज्य के किसानों से सीधे गेहूं की खरीद कर रहा है और उसे बाद में डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को वितरित किया जाएगा। सरकार ने इस सीजन किसानों से दस हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। सरकार द्वारा अनाज खरीद के लिए बनाई गई नोडल एजेंसी सिविल सप्लाई कारपोरेशन के माध्यम से चार अप्रैल से किसानों से गेहूं खरीद की जा रही है। गुरुवार शाम तक 2831 मीट्रिक टन गेहूं प्रदेश के 754 किसानों से अब तक खरीदी गई है। इसकी कुल कीमत छह करोड़ 32 लाख के करीब है। यह राशि प्रदेश के 729 किसानों के खाते में डाली जा चुकी है, जबकि 25 किसानों की राशि अभी पेंडिंग चली हुईहै। 24 घंटे के अंदर गेहूं की राशि डाल दी जाएगी। अभी सीजन चला हुआ है, जो कि दस जून तक चलेगा। इसलिए अनाज और किसानों का आंकड़ा और बढऩे की उम्मीद है। इसके लिए प्रदेश के चार जिलों की दस अनाज मंडियों में गेहूं खरीद का काम जोरों पर चल रहा है।
इसमें सिरमौर जिला के पांवटा साहिब गोदाम व धौलाकुआं गोदाम में, सोलन जिला के नालागढ़ मंडी में और बद्दी-मालपुर मंडी में, ऊना जिला की एपीएमसी टकराला मंडी में व एपीएमसी रामपुर मंडी में और कांगड़ा जिला के तहत आने वाली रियाली मंडी में, मीलवां मंडी में और फतेहपुर मंडी में किसानों से गेहूं खरीद का काम जोरों पर चल रहा है। जबकि नगरोटा बगवां मंडी में अभी तक गेहूं खरीद का काम शुरू नहीं हो पाया है। गेहूं खरीद केंद्रों में फसल बेचने के लिए 23 मई तक 1090 किसानों ने सिविल सप्लाई कारपोरेशन के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाया रखा है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है।
