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14 अनाथ बच्चों का नामी स्कूलों में दाखिला, मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सरकार उठाएगी खर्चा

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मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सरकार उठाएगी खर्चा, 2719 लाभार्थियों को पॉकेट मनी के रूप में 4.34 करोड़

संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे ,

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की विश्व स्तरीय शिक्षा ग्रहण करने की अभिलाषा पूरी हो रही है। प्रदेश सरकार की यह महत्त्वाकांक्षी योजना राज्य के अनाथ बच्चों को कॉन्वेंट और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाने में मील पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिशु सुधार गृह की तीन अनाथ लड़कियों को तारा कॉन्वेंटहॉल स्कूल, शिमला में दाखिला मिल गया है और उन्हें परिवहन सुविधा शीघ्र उपलब्ध करवा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, शिशु सुधार गृह के पांच बच्चों को दयानंद पब्लिक स्कूल, शिमला, जबकि चार अनाथ बच्चों को पाइनग्रोव स्कूल, सोलन और दो बच्चों को डीएवी स्कूल, सुंदरनगर, जिला मंडी में दाखिला दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च वहन कर रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले 1084 बच्चों को 1.02 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता से लाभान्वित किया गया है और 2719 लाभार्थियों को 4000 रुपए की प्रतिमाह पॉकेट मनी के रूप में 4.34 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। ये बच्चे हर्षाेल्लास के साथ त्योहार मनाएं, इसके लिए 1084 बच्चों को त्योहार भत्ते के रूप में 59.81 लाख रुपए, वस्त्र भत्ते के रूप में 54.20 लाख रुपए और पोषण आहार राशि के रूप में 32.52 लाख रुपए वितरित किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1061 अनाथ बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के रूप में 1.99 करोड़ रुपए, 3121 लाभार्थियों को 4000 रुपए प्रतिमाह पॉकेट मनी के रूप मे