Shimla

पदोन्नति में देरी होने पर विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों में रोष

Spread the love

यूनियन ने सीएम से नौ मसलों पर की है बात, प्रबंधन के ढुलमुल रवैये को ठहराया जिम्मेदार

संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,— शिमला
बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से प्रबंध निदेशक के स्थायी पद भरने का आह्वान किया है। प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त भार इस समय हरिकेश मीणा के पास है। कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ नौ मसलों पर बात की है। इनमें स्थायी प्रबंध निदेशक न होने की वजह गिनाई हैं। बिजली बोर्ड कर्मचारियों की पदोन्नति में नौ माह की देरी के लिए बोर्ड प्रबंधन के ढुलमुल रवैये को जिम्मेदार ठहराया है। यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों की डीपीसी अगस्त 2023 में भेजी गई थी।
जबकि इसमें शामिल कर्मचारियों को मई 2024 में पदोन्नत किया गया। इसके अलावा बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुफ्त बिजली योजना को वापस लेने का आह्वान किया है। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के मामलों का समाधान न होने पर भी बोर्ड प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उहल की परियोजना में चार माह की देरी से लेकर केंद्र सरकार प्रायोजित आरडीएसएस में 90 फीसदी की ग्रांट न मिल पाना शामिल है। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि स्थायी प्रबंध निदेशक न होने का असर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।