सलूणी: पहले कुछ लोग बुलाओ, धक्का लगाओ, फिर मरीज लाने जाती है एंबुलेंस
चंबा। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के नागरिक अस्पताल सलूणी में स्वास्थ्य व्यवस्था धक्के के सहारे हो गई है।
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
इमरजेंसी में फोन आने पर पहले चालक को अस्पताल की 108 एंबुलेंस को स्टार्ट करने के लिए पहले आठ से दस लोग इकट्ठा करने पड़ते हैं। धक्का लगाकर इसे स्टार्ट किया जाता है, फिर चालक एंबुलेंस मरीज को लाने के लिए रवाना होता है। यदि एंबुलेंस को धक्का मारने के लिए मौके पर पांच से दस लोग वहां मौजूद न हों तो चालक के लिए एंबुलेंस को स्टार्ट करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में कई बार चालक चाहकर भी एंबुलेंस लेकर मरीज को लाने के लिए नहीं जा पाता। अस्पताल में खराब पड़ी एंबुलेंस को लेकर लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। लोगों ने कहा कि अस्पताल में तो इसे धक्का लगाकर स्टार्ट करवाने के लिए लोग मिल जाते हैं, लेकिन अगर कहीं मरीज को लाते समय रास्ते में एंबुलेंस बंद हो जाए तो कौन धक्का लगाएगा।
शुक्रवार को भी जब सुबह के समय मरीज ने एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया तो चालक ने एंबुलेंस को स्टार्ट करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। सबसे पहले चालक ने आठ से दस लोगों को इकट्ठा किया। इन लोगों ने एंबुलेंस को धक्का मारना शुरू किया, तब जाकर एंबुलेंस स्टार्ट हुई। जब लोग एंबुलेंस को स्टार्ट करने के लिए धक्का मार रहे थे तो स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया में काफी तेजी के साथ वायरल हुआ। जो कोई भी इस वीडियो को देख रहा था, वह स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़ा कर रहा था। हैरानी इस बात की है कि चुने हुए प्रतिनिधि भी अस्पताल में जाकर इन व्यवस्थाओं का जायजा नहीं ले रहे हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी से इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा। एंबुलेंस में चल रही खराबी को दूर करने के निर्देश दिए जाएंग
