Himachal Pradesh

बारिश से 46 पेयजल योजनाएं ठप, लोगों की बढ़ी दिक्कतें

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शिमला-सिरमौर-बिलासपुर जिला में गहयाया पेयजल संकट, लोगों की बढ़ी दिक्कतें

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,

हिमाचल में झमाझम बारिश से राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में जल संकट के आसार बन गए हैं। बारिश का बड़ा कहर पेयजल योजनाओं पर टूटा है और मुख्य स्रोत बह जाने से सप्लाई ठप हो गई है। प्रदेश भर में 46 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। इनमें शिमला और सिरमौर में सबसे ज्यादा 17-17 पेयजल योजनाएं ठप हैं। शिमला जिला में ठियोग में चार, कुमारसैन में चार, कोटखाई में चार, जुब्बल में तीन और रामपुर में दो पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। सिरमौर में राजगढ़ में नौ और पावंटा साहिब में आठ पेयजल योजनाएं बारिश की वजह से ठप पड़ी हैं। प्रदेश के दूसरे जिलों में बिलासपुर में दस और चंबा में दो पेयजल योजनाएं बाधित हो गई हैं। इन पेयजल योजनाओं में पानी न आने की वजह से लोगों को दूरदराज से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को तैनात कर दिया है और वे पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने के इंतजाम में जुट गए हैं, लेकिन बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में इसका प्रभाव राहत कार्यों पर भी पड़ रहा है।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश भर के कई हिस्सों में बारिश लगातार जारी है। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर में सात, शिमला में चार, कसौली में चार, कुल्लू में तीन, रामपुर-बुशहर में तीन, नाहन में दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई के पहले हफ्ते में मंडी जिला में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। मंडी में 187, कांगड़ा में 145, शिमला में 112 एमएम बारिश हो चुकी है।

32 सडक़ें, 39 ट्रांसफार्मर ठप

बारिश की वजह से प्रदेश भर में 32 सडक़ें बाधित हैं। इनमें से 19 सडक़ें अकेले मंडी में ठप हुई हैं। मंडी में अलग-अलग जगहों पर भूस्खलन की वजह से सडक़ें बाधित हुई हैं। इसके अलावा शिमला में सात, हमीरपुर और कुल्लू में दो-दो सडक़ें बाधित हुई हैं। पीडब्ल्यूडी ने जल्द ही सडक़ों को बहाल करने की बात कही है। उधर, बारिश के बाद प्रदेश भर में 39 जगह ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं। इनमें कुल्लू में 36 और चंबा में तीन ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं।