हिमाचल प्रदेश के करीब 800 स्कूल होंगे मर्ज
कम संख्या वाले स्कूलों को क्लस्टर सिस्टम में बदलेगी राज्य सरकार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बोले, कैबिनेट बैठक में शिक्षा के पांच एजेंडा पर होगी चर्चा
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार करीब 800 स्कूलों को मर्ज करेगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि क्लस्टर सिस्टम पर स्कूलों को तैयार किया जा रहा है। वित्त आयोग के हिमाचल दौरे के दौरान भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में एनरोलमेंट में भी कमी आई है। बीते वर्ष भी दो या दो से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया था। जहां बच्चों की संख्या कम है, ऐसे करीब 700-800 स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। प्रथम चरण में उन्हीं स्कूलों को मर्ज करेंगे, जहां कम संख्या वाले एक स्कूल की दूरी दूसरे स्कूल से डेढ़ से दो किलोमीटर है। शिक्षा निदेशालय इस संबंध में प्रारूप तैयार कर रहा है, जल्द विभागीय स्तर पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम है।
दूसरे चरण में दस विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों से इसी माह में इस संदर्भ में रिपोर्ट देने को कहा गया है। एनटीटी भर्ती पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस भर्ती में सरकार चाहती है कि प्री-प्राइमरी स्कूल जल्द शुरू किए जाएं। इसके लिए करीब 6100 एनटीटी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्ज की मांग उनके ध्यान में है, लेकिन शिक्षा विभाग में कोटे को लेकर इतने विवाद है कि अब सभी का समाधान निकालने की कोशिश हो रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि करीब 2200 शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती की जा रही है और जल्द इनकी तैनाती होगी।
प्रदेश भर के 1600 स्कूलों में होगा सुधार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1600 से अधिक स्कूलों को इंप्रूव करने की योजना है। सरकारी स्कूलों में जो सुविधा नहीं होती थी, वह छात्रों को प्रदान की जाएगी। अच्छी शिक्षा के लिए स्टाफ का प्रबंध किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग के पांच एजेंडे शामिल किए जाएंगे। अब स्टेट अवार्ड के अध्यापकों को इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन देनी होगी। इसके अलावा उनके द्वारा पढ़ाए बच्चों का मूल्यांकन भी होगा। डीपीई अध्यापकों का पदनाम बदलने की फाइल भी कैबिनेट बैठक में जाएगी। जल्द 2200 से अधिक शिक्षकों की भर्ती होने वाली है, जबकि टीजीटी, जेबीटी अध्यापकों की भर्तियां अंतिम चरण में हैं।
