भारतीय पर्वतारोहियों ने नए रास्ते से लाहुल के गुप्त पर्वत पर फहराया तिरंगा
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
भारतीय पर्वतारोहियों ने हिमाचल के लाहुल में स्थित गुप्त पर्वत पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। बर्फीली चोटी पर पहुंचकर पर्वतारोहियों ने यात्रा को यादगार बनाया। बता दें कि सोनारपुर आरोही पर्वतारोहण क्लब के नौ भारतीय पर्वतारोहियों द्वारा भारतीय पर्वतारोहण में इतिहास रचा। टीम के सभी सदस्यों ने नए मार्ग से हिमाचल के लाहुल में कुंवारी चोटी गुप्त पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, जिसे कभी खोजा नहीं गया था और न ही इसका दस्तावेजीकरण किया गया था। सबसे आश्चर्यजनक बात है कि टीम ने शिखर की ऊंचाई 6159 मीटर बताई गई थी, लेकिन शिखर पर जीपीएस डिवाइस पर दर्ज की गई ऊंचाई 5988 मीटर थी। इसलिए टीम सभी विवरण प्रस्तुत करेगी और आईएमएफ को रिपोर्ट करेगी। इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के अनुसार, जैसा कि नाम गुप्त, जिसका हिंदी भाषा में अर्थ छिपा हुआ है, बिलकुल पहाड़ की विशेषता को दर्शाता है।
कैंप-2 तक पहुंचने तक पहाड़ की चोटी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है, क्योंकि रिज में चार ऊंचे बिंदु हैं, जो प्रारंभिक चरण में भ्रमित करते हैं, लेकिन जिस क्षण टीम शिखर पर पहुंची, तो उनमें से सबसे ऊंचे बिंदु के रूप में पुष्टि की गई। वरिष्ठ पर्वतारोही गौतम ठाकुर ने पहले एक लेख में कहा था कि मकर बेह 6070 मीटर और शिकार बेह 6200 मीटर पर चढऩा बेहद कठिन है। क्योंकि लद्दाखी 5536 मीटर और फिर मनाली चोटी 5735 मीटर पर चढऩे के बाद इन तक पहुंचा जा सकता है। शिकार बेह के पीछे गुप्त शिखर तक पहुंचना और भी कठिन है। इसलिए नए रास्ते से गुप्त पर्वत तक पहुंचना सचमुच कठिन था। टीम के सदस्य ने गुप्त पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। टीम में रूद्र प्रसाद हलदर, सत्यरूप सिद्धांत, रूद्र प्रसाद चक्रवर्ती, नैतिक निलय नस्कर, देबाशीष मजूमदार, नंदीश कल्लिमानी, उद्दीपन हलदर, तुहिन भट्टाचार्जी और दीपाश्री पॉल शामिल थे।
