भू-स्खलन की चपेट में आए मणिमहेश यात्री, पुलिस भर्ती बनी फुटबाल, शर्तों के साथ चाइल्ड केयर लीव
दुनाली के पास पत्थर गिरने से कांगड़ा के श्रद्धालु घायल
गंभीर हालत के चलते तीन मेडिकल कालेज चंबा रैफर
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
हड़सर-मणिमहेश मार्ग पर दुनाली के पास हुए भू-स्खलन की चपेट में आने से मां-बेटे सहित छह श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें से तीन गंभीर घायलों को मेडिकल कालेज चंबा रैेफर कर दिया गया है। तीन श्रद्धालुओंं का सिविल अस्पताल भरमौर में ही उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार कांगड़ा जिला के श्रद्धालुओं का चौदह सदस्यीय दल मणिमहेश की पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए बुधवार सवेरे हड़सर से रवाना हुआ था। इसी दौरान दुनाली के पास गुजरते वक्त अचानक भू-स्खलन होने से पत्थर गिरने आरंभ हो गए। कुछ समझ पाने से पहले ही छह श्रद्धालु पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गए। इसी बीच मणिमहेश मार्ग पर तैनात एसडीआरएफ की टीम व स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल श्रद्धालुओं के उपचार के लिए पहुंचाया और उपमंडलीय प्रशासन को सूचित किया। सूचना पाते ही उपमंडलीय प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से बातचीत की।
इस घटना में घायल श्रद्धालुओं की पहचान श्रेष्ठा देवी पत्नी अश्वनी कुमार, साहिल कौंडल पुत्र अश्वनी कुमार दोनों वासी गांव इच्छी, कुशमलता पत्नी रणजीत सिंह वासी गांव जमानाबाद, विद्याा देवी पत्नी प्रताप चंद, सुनील कुमार पुत्र हरबंस, अक्षय कुमार पुत्र सुरिंद्र कुमार निवासी गांव विंद्रावन तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा के तौर पर की गई है।
इनमें श्रेष्ठा देवी, कुशमलता व विद्या देवी को सिविल अस्पताल भरमौर में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज चंबा रैफर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि विश्वप्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा अधिकारिक तौर पर 26 अगस्त से आरंभ होकर 11 सितंबर तक चलेगी, मगर श्रद्धालुओं की मणिमहेश के पवित्र डल में डुबकी लगाने हेतु आवाजाही का सिलसिला पिछले दो माह से जारी है। इस अवधि में उपमंडलीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था के साथ ही यात्रा के विभिन्न पड़ावों में मदद के लिए एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर रखी हंै। उधर, कार्यवाहक एडीएम कुलबीर सिंह राणा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घायलों का सिविल अस्पताल भरमौर में उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि तीन घायलों को एहतियात के तौर पर मेडिकल कालेज चंबा भेजा गया है।
