Himachal Pradesh

फुटबाल बनी पुलिस भर्ती, फिर कैबिनेट जाने की नौबत

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गृह विभाग ने रूल्स बना दिए; भर्ती एजेंसी नोटिफाई की नहीं, एक साल से प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए अफसर

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,

हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल से एक साल पहले मंजूर किए गए पुलिस कांस्टेबल के 1226 पदों पर भर्ती तो शुरू नहीं हो पाई, लेकिन अफसरशाही ने इस प्रक्रिया का फुटबाल बना दिया है। अब दोबारा से मामला कैबिनेट में भेजे जाने की नौबत आ गई है। इसका कारण यह है कि हिमाचल पुलिस ने गृह विभाग से मिलकर जो भर्ती के रूल्स नोटिफाई किए, उनके अनुसार भर्ती एजेंसी को अभी नोटिफाई ही नहीं किया। यह भर्ती लोक सेवा आयोग को दी गई है, लेकिन इस बारे में अभी भी सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन नहीं है। ये पद क्लास थ्री यानी ग्रुप सी के हैं और लोक सेवा आयोग सामान्य तौर पर क्लास थ्री की भर्तियां नहीं करता। इसलिए एग्जमशन फ्रॉम कंसल्टेशन रेगुलेशन रूल्स 1974 के अनुसार यह नोटिफाई करना होगा कि कांस्टेबल की भर्ती लोक सेवा आयोग के दायरे में दी जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी न होने के कारण लोक सेवा आयोग ने फाइल होल्ड कर ली है। बुधवार को मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को इस सारी प्रक्रिया में फिर से हस्तक्षेप करना पड़ा। खुद मुख्यमंत्री बार-बार भर्ती शुरू करने को लेकर कह चुके हैं। कैबिनेट ने 18 जून को हुई बैठक में इसमें 30 पद और जोड़े हैं। आयु सीमा में भी एक साल की छूट दे दी है।

नियमों में बदलाव के कारण इस बार कांस्टेबल भर्ती स्टेट मेरिट से होगी। इससे पहले पद भी जिलावार विज्ञापित होते थे और जिला बड़ी भर्ती होती थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया पहले से अलग होगी। भर्ती के लिए पद जिलावार जैसे तय किए गए हैं, वैसे ही विज्ञापित होंगे, लेकिन इन पदों के लिए नियुक्ति और आवेदन जिला से बाहर के युवक की भी हो सकती है। हर आवेदक को आवेदन के साथ प्राथमिकता का जिला देना है। अभ्यर्थी की मैरिट के हिसाब से फिर जिले अलॉट हो जाएंगे। इसलिए एक जिला से दूसरे जिला में भी नियुक्ति मिल सकती है।

मंत्रिमंडल में 14 सितंबर को मिली थी भर्ती मंजूरी

राज्य मंत्रिमंडल से सबसे पहले पुलिस भर्ती की मंजूरी 14 सितंबर, 2023 को हुई थी। अब 2024 का सितंबर भी आने वाला है, लेकिन अभी तक आवेदन नहीं लिए जा सके हैं। ग्राउंड टेस्ट होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में भी करीब एक साल लग जाता है।