Himachal Pradesh

बिजली प्रोजेक्टों में रोकें निर्माण गतिविधियां

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

बरसात के दिनों में राज्य के बिजली प्रोजेक्टों को यह विशेष हिदायत दी गई है कि वे अपने यहां पर कोई भी नया निर्माण कार्य न करें। सरकार ने इस बार भी एडवाइजरी जारी की है, लेकिन पूरी तरह से इसका अनुसरण नहीं किया जाता। यही वजह है कि अचानक हादसा होने पर बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। इसमें जान व माल दोनों की क्षति होती है। रामपुर की समेज खड्ड में बादल फटने की वजह से जो दुर्घटना घटी है, उससे दो परियोजनाओं में नुकसान हुआ है। वहीं घानवी में भी बिजली बोर्ड के प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ है। इसी तरह का नुकसान कुल्लू जिला की पार्वती नदी पर बने मलाणा प्रोजेक्ट को भी हुआ है। पिछले साल लारजी डैम में बड़ा नुकसान झेला गया है। इस तरह के कई बड़े हादसे प्रदेश में पूर्व में हो चुके हैं, जिसके बाद सरकार बरसात से पहले डैम साइट का निरीक्षण करवाती है। इस बार भी बरसात से पहले तकनीकी विशेषज्ञों ने सभी परियोजनाओं के डैम साइट पर जाकर निरीक्षण किया है और वहां मौके पर जाकर हिदायतें दी हैं। साफ कहा गया है कि किसी भी तरह का निर्माण कार्य बरसात में नहीं किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधकों की होगी। डैम एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए सरकार ने विशेष कार्य बल बना रखा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के तहत तकनीकी विशेषज्ञ रखे गए हैं, जो २४ घंटे नजर रख रहे हैं। रोजाना की यह रिपोर्ट उनके पास पहुंचती है, जिससे पता चलता है कि डैम में कितना पानी आया और कितना पानी छोड़ा गया है। डैम साइट के निरीक्षण के दौरान इस बार भी यह देखा गया है कि कहां पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और कहां नहीं। ज्यादा पानी भर जाने की स्थिति में अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी तरीके से लागू करने को हिदायत दी हैं, क्योंकि लोगों को बिना सूचना दिए पानी छोड़ा जाता है और वह भी बड़े हादसों का कारण बनता है। ऐसे में अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का होना जरूरी है। ऊर्जा निदेशालय के अधिकारियों की मानें, तो इस बार मौके पर जाकर प्रबंधनों को चेतावनी दी गई है और उनको कहा गया है कि किसी भी तरह की अनदेखी न की जाए।

अनदेखी पर कार्रवाई

हरिकेश मीणा, निदेशक ऊर्जा निदेशालय ने बताया कि बिजली प्रोजेक्टों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी है। सभी को इस पर अमल करना चाहिए, ताकि किसी भी नुकसान से बचा जा सके। इन दिनों रूटीन के काम ही चल सकते हैं और कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो सकता। जहां कहीं पर भी अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।