मलबे में जिंदगी की तलाश, 291 की गई जान, 240 की खोज जारी
केरल आपदा में अब तक गई 291 की जान, 240 की खोज जारी
खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर वायनाड में भू-स्खलनों के चलते तबाही मची हुई है। यही नहीं मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। भू-स्खलन में दबे लोगों को जैसे-जैसे निकाला जा रहा है, मौतों की संख्या में इजाफा दिख रहा है। अब तक 291 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 23 बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 240 लोग अब भी लापता हैं और 213 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मलबे से जीवित बचे लोगों को निकालने के लिए सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल के नेतृत्व में मुंडक्कई, अट्टमाला और चूरलमाला में तलाशी अभियान चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि 19 गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 8,304 लोगों को वायनाड जिला के मेप्पडी और आसपास के इलाकों में स्थापित 82 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 143 शवों को विभिन्न अस्पतालों में रखा गया है।
अधिकारी के अनुसार, मद्रास इंजीनियङ्क्षरग ग्रुप (एमईजी) की सेना टीम द्वारा चूरलमाला और मुंडक्कई को जोडऩे वाले 190 मीटर के अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। मेजर जनरल विनोद मैथ्यू ने बताया कि वायनाड में भू-स्खलन की घटना देश में अब तक देखी गई सबसे व्यापक क्षति में से एक है और जब तक नया कंक्रीट पुल नहीं बन जाता तब तक बेली ब्रिज वायनाड के लोगों के लिए काम करेगा।
