चुनावी बांड स्कीम की नहीं होगी एसआईटी जांच, याचिका खारिज
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलेक्टोरल बांड स्कीम में क्विड प्रो क्वो सिस्टम की जांच के लिए एसआईटी बनाने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि बांड की खरीदी कॉरपोरेट्स और राजनीतिक दलों के बीच हुआ लेन-देन था, कोर्ट केवल इस आधार पर जांच के आदेश नहीं दे सकता। फैसला सुनाते हुए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि टैक्स असेस्मेंट के मामलों की दोबारा जांच से अथॉरिटी के कामकाज पर भी असर पड़ेगा। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस लेवल पर हस्तक्षेप करना गलत और समय से पहले होगा। कोर्ट एनजीओ कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) समेत चार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
इनमें दावा किया गया था कि इलेक्टोरल बांड के नाम पर राजनीतिक दलों, निगमों और जांच एजेंसियों के बीच स्पष्ट लेन-देन होता है। फरवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया था। साथ ही एसबीआई को इलेक्टोरल बांड जारी करने पर तुरंत रोक लगाने को कहा था।
