स्टाफ की राह देख रहा राज्य चयन आयोग हमीरपुर
11 महीनों में प्रोपर फंक्शिनिंग में नहीं आ सका आयोग, 16 कर्मियों के सहारे चलाया जा रहा काम
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
भर्ती परीक्षा पेपर लीक स्कैंडल के बाद मौजूदा कांग्रेस सरकार ने हमीरपुर स्थित कर्मचारी चयन आयोग को भंग करके भर्तियों में पादर्शिता लाने और एक मजबूत ढांचा तैयार करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन तो कर दिया, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते अभी तक इसकी प्रोपर फंक्शिनिंग नहीं हो पाई है। नतीजा आज करीब तीन हजार पदों का रिजल्ट फंसा हुआ है। विदित रहे कि भंग किए कर्मचारी चयन आयोग में एसआईटी की जांच के शिकंजे से करीब आधा दर्जन पोस्ट कोड बाहर रहे हैं, जिनके यदि रिजल्ट निकलते हैं तो यह तीन हजार पद भरे जा सकते हैं। बता दें कि प्रदेश सरकार ने 30 सितंबर, 2023 को हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) का गठन किया था। जानकारी के मुताबिक स्टाफ की कमी के चलते राज्य चयन आयोग की फंक्शिनिंग 11 महीनों में भी सही ढंग से नहीं हो पाई है। इसके परिणाम स्वरूप करीब आधा दर्जन पोस्ट कोड का मामला कैबिनेट सब -कमेटी के पास फंसा है। इन आधा दर्जन पोस्ट कोड के तहत तीन हजार के लगभग पदों का रिजल्ट घोषित किया जाना है।
मौजूदा समय में राज्य चयन आयोग के पास मात्र 16 मुलाजिमों का स्टाफ है। इनके अलावा आईएएस स्तर के अधिकारी को मु य प्रशासक, एचएएस अधिकारी को प्रशासनिक अधिकारी, एक लॉ आफिसर, फाइनांस के ज्वाइंट कमीशनर और एक आईटी के डिप्टी डायरेक्टर हैं, लेकिन इन पांचों अधिकारियों के पास एक्स्ट्रा चार्ज दिया हुआ है यानी आयोग में इनमें से किसी की भी रेगुलर तैनाती नहीं है। कभी-कभार ही इनका यहां आना हो पाता है क्योंकि इनके पास दूसरे कार्यों का कार्यभार भी है।
पूर्व में कुछ ऐसा था कर्मचारी चयन आयोग का ढांचा
गौरतलब है कि भंग होने से पूर्व जब हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग फंक्शिनिंग में था तो उस वक्त यहां 65 से 70 कर्मचारी सेवारत थे और इनके
अलावा चेयनमैन, सचिव समेत आयोग के मेंबर होते थे। अब ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य चयन आयोग में जो मौजूदा ढांचा है उसमें भला आयोग की फंक्शिनिंग कैसे और क्या होगी।
प्रदेश सरकार ने जल्द रिजल्ट घोषित करने की कही है बात
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को विभिन्न श्रेणियों के 21 पोस्ट कोड के परिणाम घोषित करने और सरकारी क्षेत्र में 30 हजार पद सृजित करने की बात कही है, जो कि स्वागत योग्य है। लेकिन सवाल यही है कि जिस राज्य चयन आयोग के रास्ते युवाओं को नौकरियां दी जानी हैं पहले उसकी प्रोपर फंक्शिनिंग करनी होगी।
