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रिटायर होने के तुरंत बाद ही राजनीति में आने से बचें जज

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सीजेआई चंद्रचूड़ ने कूलिंग ऑफ पीरियड को बताया जरूरी

कल आप कोर्ट में थे और आज किसी पार्टी में, लोग क्या सोचेंगे

देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि जजों को रिटायरमेंट के तुरंत बाद राजनीतिक पद स्वीकार करने से बचना चाहिए। उन्होंने इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह निजी मामला है। मेरी अपनी राय पूछें तो मैं यह समझता हूं कि जज बनकर जब आप रिटायर हो जाते हैं, तो थोड़ा समय आपको देना चाहिए। राजनीति में जाते हैं तब भी, पर्याप्त समय (गैप) देना चाहिए। पॉलिटिक्स ज्वाइन करनी चाहिए या नहीं, यह अलग मामला है। यह बहस का मुद्दा है, लेकिन अगर राजनीति में जाना चाहें तो कूलिंग ऑफ पीरियड जरूरी है। मैं समझता हूं कि एक बार आप जज नियुक्त हो जाते हैं, तो उम्रभर जज रहते हैं।

चाहे आप कोर्ट में काम कर रहे हों, चाहे आप रिटायर हों। सामान्य नागरिक आपको देखता है, तो ये सोचता है कि आप जज ही तो हैं। जज की जो बोलचाल है, व्यवहार है, रिटायर होने के बाद भी वैसा ही होना चाहिए। किसी और के फैसले की मैं समीक्षा नहीं करना चाहता। हम कहते हैं कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए। मान लीजिए कि आज जज साहब कोर्ट में थे। कल रिटायर होकर उन्होंने राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर ली। एक आम आदमी क्या सोचेगा।