टीजीटी कमीशन का चार साल से इंतजार
लोक सेवा आयोग की ओर से होनी है भर्तियां, 15 साल बाद बदले हैं भर्ती नियम
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
प्रदेश के स्कूलों में टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के बाद अब कमीशन की भर्तियों का इंतजार है। साल 2020 से अभी तक टीजीटी कमीशन का ही इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से प्रदेश के स्कूलों में कमीशन आधार पर टीजीटी की भर्तियां नहीं हो रही हैं। कारण यह कि प्रदेश सरकार से शिक्षा विभाग को इन पदों को भरने की मंजूरी नहीं मिल रही। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की तरफ से इस बारे में प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें टीजीटी की भर्तियां करने के लिए अप्रूवल मांगी गई है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से ये भर्तियां होनी हैं। इसमें 87 पद भरने के लिए पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन विभाग तब तक इन पदों को भी नहीं भर सकता, जब तक बाकी पद भरने की मंजूरी नहीं मिल पाती।
ऐसे में टीजीटी की भर्तियों के लिए सरकार से अप्रूवल का इंतजार है। ये भर्तियां अनुबंध के आधार पर होनी हंै। अब प्रदेश के स्कूलों में अब कमीशन आधार पर टीजीटी की भर्ती नए नियमों के तहत होगी। प्रदेश सरकार के प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। एनसीटीई नियम ही इन भर्तियों पर लागू होगा। करीब 15 साल बाद भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन किया गया है। इससे पहले साल 2009 में टीजीटी कमीशन की भर्तियों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बने थे, लेकिन अलग-अलग कैडर की भर्ती में आर एंड पी रूल्स भी अलग थे। नए नियमों का सामान्य वर्ग के उन अभ्यर्थियों को भी फायदा है, जिनके ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंक नहीं हैं।
प्रदेश के स्कूलों में 14224 पद खाली
प्रदेश के स्कूलों में टीजीटी कैडर के 14224 पद हैं। सभी कैटागरी यानी मेडिकल, नॉन मेडिकल और आट्र्स संकाय में भर्ती के लिए एक सामान्य नियम लागू होंगे। इसमें तय किया गया है कि टीजीटी कैडर की भर्तियों के लिए यूजी के साथ अब पीजी की डिग्री भी मान्य होगी। टीजीटी की भर्ती के लिए बीए में यदि 50 फीसदी अंक से कम प्रतिशतता है, तो पीजी में 55 फीसदी अंक मान्य होंगे। इसके साथ ही जमा दो कक्षा में 50 फीसदी अंकों के साथ बैचलर इन एलिमेंटरी एजुकेशन का चार साल का डिप्लोमा लागू होगा। इसके साथ ही आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के बीए, बीकॉम में 50 फीसदी अंक के साथ एक वर्ष का स्पेशल एजुकेशन का डिप्लोमा भी मान्य होगा। अभ्यर्थियों को टीईटी यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करना जरूरी है।
