अब जेओए आईटी की नियुक्तियों को सीएम की मंजूरी जरूरी…यह रहा कारण
मंत्रियों-विधायकों की पसंदीदा जगह की बढ़ती सिफारिशों के बाद फैसला
सीएम ऑफिस रखेगा हर नई अपॉइंटमेंट पर नजर, सभी विभागों निगमों को लेनी होगी स्वीकृति
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पोस्ट कोड 817 पास करने वाले अभ्यार्थियों की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री कार्यालय नजर रखेगा। कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रिजल्ट घोषित किए जाने के बाद इनको विभाग, बोर्ड व निगम अलॉट कर दिए गए हैं, जहां पर इन्हें नियुक्त किया जाना है, परंतु यह विभाग, बोर्ड या निगम अपने स्तर पर नियुक्तियां नहीं दे सकेंगे। फाइल पर नियुक्तियों का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना होगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश जारी हुए हैं, जिसमें सभी विभागों, बोर्डों व निगमों को इस संबंध में लिखा गया है। उनको कहा गया है कि वे अपने यहां नियुक्त होने वाले जेओए आईटी की अपॉइंटमेंट का मामला फाइल पर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से ही इन नियुक्तियों को मंजूरी दी जाएगी। अपने स्तर पर कोई भी विभाग, बोर्ड या निगम इनके नियुक्ति आदेश जारी नहीं कर सकेंगे। ऐसे में इन अभ्यार्थियों को इंतजार करना होगा, क्योंकि इस प्रक्रिया को सभी को पूरा करना पड़ेगा।
विभाग, बोर्ड या निगम अपनी फाइलें मुख्यमंत्री कार्यालय को मंजूरी के लिए भेजेंगे, जिसके बाद ही नियुक्तियां हो सकेंगी। बताया जाता है कि इस मामले में भी विधायकों की ओर से सिफारिशें आ रही हैं, जो लोग चयनित हुए हैं वे पसंद की जगह पर लगना चाहते हैं। इसमें अधिकांश नियुक्तियां शिक्षा विभाग में दी जानी हैं। इसी तरह से दूसरे विभाग, बोर्ड व निगमों में भी नियुक्तियां होंगी, जहां के लिए चयनित अभ्यार्थी पसंद की जगह चाहते हैं। इसके लिए लगातार सिफारिशें हो रही हैं, मगर सिफारिशें इसमें कितना काम करेंगी यह कहा नहीं जा सकता, क्योंकि नियुक्तियों का पूरा मामला मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने ऊपर ले लिया है। विभागों, बोर्डों या निगमों से फाइल पर जो सिफारिशें आएंगी, उनमें मुख्यमंत्री कार्यालय बदलाव कर सकता है। ऐसे में किसको कहां पर नियुक्ति मिलेगी यह कहा नहीं जा सकता। ऐसे में नियुक्ति मिलने में फिलहाल समय लगना तय है। मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर ने सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड व निगमों के एमडी को इस संबंध में पत्र भेजा है और जल्द से जल्द फाइल पर नियुक्ति मामले सीएम ऑफिस को भेजने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री खुद रखे रहे नजर
रोजगार के हर मामले को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद देख रहे हैं। उनका उद्देश्य अगले तीन साल में रोजगार के वादे को पूरा करना है। साथ ही वह यह भी देख रहे हैं कि रोजगार की प्रक्रिया पूरी तरह फुल प्रूफ हो और कोई भी इसे भेद न पाए।
