Himachal Pradesh

टीसीपी के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

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धर्मशाला और शाहपुर के 22 गांवों को शामिल करने का किया जोरदार विरोध, एडीएम
के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन, विधायक सुधीर शर्मा बोले, और तेज होगा आंदोलन

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
धर्मशाला और शाहपुर के ग्रामीण एरिया को टीसीपी में शामिल करने पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के आह्वान पर शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र के लोगों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने सडक़ों पर उतर कर प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने डीसी आफिस पहुंचकर 22 गांवों को टीसीपी में शामिल करने का विरोध किया। इस दौरान एडीएम डा. हरीश गज्जू के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी भेजा गया। मंडल भाजपा के नेताओं ने सरकार से मांग रखी कि इस फैसले को वापस लिया जाए। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया है। भाजपा नेताओं और लोगों ने कहा कि टीसीपी में 22 गांव के 1700 हेक्टेयर शामिल करके कांग्रेस सरकार ने जनता से धोखा किया है। लोगों ने कहा कि नक्शे पास करवाना कठिन होंगे। बिना विजन के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला हलके की जनता को तंग करने के लिए यह फैसला लिया है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। दूसरी ओर सुधीर शर्मा ने अपने बयान में कहा कि पूरे हलके से हजारों लोग इस पर आपत्ति दर्ज कर चुके हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर लिए गए इस फैसले से किसान, गरीब और मजदूरों में मायूसी है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में जोरदार संघर्ष होगा। इसके लिए धर्मशाला की जनता सडक़ों में उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। भाजपा नेताओं कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सुक्खू सरकार बनी है, तब से वह गांव, किसान, गरीब और मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। खासकर धर्मशाला के विकास को रोकने और जनता को परेशान करने के लिये आये दिन जनता विरोधी फैसले सरकार ले रही है, जिसका आम जनता में रोष है। सुधीर शर्मा ने कहा कि घनियारा खास, सौकणी दा कोट, ढगवार, सुकड़, शीला-भटेहड़, पासू-पंतेहड़, मनेड और चेतडू पंचायतों के 22 नये ग्रामीण एरिया शामिल है। इन इलाकों के लोगों को नक्शे पास करवाना कठिन होंगे। उन्होंने कहा कि इन पंचायतों का 1700 से अधिक हेक्टेयर एरिया आता है। उधर, शाहपुर क्षेत्र के सुधेड व लांझणी क्षेत्र को भी टीसीपी में शमिल करने पर क्षेत्र के लोगों ने अपना विरोध जताया। उन्हें यह फैसला मंजूर नहीं है।