Himachal Pradesh

हिमाचल में अब फायर आर्म हथियारों का भी होगा रिकार्ड

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हर हथियार का रहेगा यूनिक डाटा, पुलिस को अपराधिक मामले निपटाने में मिलेगी मदद
प्रदेश में फायर आर्म यानी बंदूक, रायफल्स, मशीनगन, पिस्तौल व अन्य गोली चलाने वाले हथियारों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। देश भर में हिमाचल में पहली बार हर हथियार का यूनिक रिकार्ड तैयार कर सुरक्षित रखा जाएगा। ऐसे में कभी भी अपराधिक घटना में हथियार के इस्तेमाल होने पर संबंधित हथियार के प्रयोग होने का रिकार्ड खंगाल कर मामले को निपटाने में बड़ी मदद मिल सकेगी। इसके लिए प्रदेश के हर जिला मुख्यालय स्तर पर फोरेंसिक विभाग डाटा तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके लिए फोरेंसिक विभाग के पास सभी उपकरणों व डाटाबेस तैयार करने के लिए सॉफ्टवेयर को भी तैयार कर लिया है। राज्य में एक लाख से अधिक लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं, उक्त सभी की स्क्रिनिंग की जाएगी। अब नए हथियार खरीदने पर स्क्रिनिंग के बाद ही लोगों को लाइसेंस मिल पाएगा।
फोरेंसिक विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रदेश में मौजूद व नए आने वाले सभी हथियारों का फायर आर्म डाटाबेस तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य में मौजूद एक लाख से अधिक हथियारों की स्क्रिनिंग कर यूनिक आईडेंटिफिकेंशन के साथ डाटा तैयार किया जाएगा, जिस तर्ज पर चुनावों के समय राज्य के सभी लाइसेंसधारक हथियारों को पुलिस विभाग में जमा करवाया जाता है, उसी तरह से फोरेंसिक विभाग के पास सरकार व पुलिस विभाग के संयुक्त कार्यांे से हथियार पहुंचेंगे। आगामी समय में किसी भी अपराधिक घटना यानी की किसी भी हथियार से गोली चलने पर उसकी बुलेट से ही पहचान हो पाएगी, कि उक्त गोली व बदूंक- का मालिक कौन है