Himachal Pradesh

दिल्ली पहुंची मंत्री के बयान की गूंज, राज्य सरकार ने विक्रमादित्य के बयान से किया किनारा

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राज्य सरकार ने शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान से किया किनारा

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान का विवाद और बढ़ गया है। राज्य सरकार ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए किनारा कर लिया है। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अगवाई में गठित कमेटी के फैसले के बाद ही आगामी कदम की बात कही है और विक्रमादित्य सिंह के बयान को व्यक्तिगत प्रतिक्रिया करार दिया है। गुरुवार को हिमाचल से दिल्ली तक विक्रमादित्य सिंह के उत्तर प्रदेश के फार्मूले की ही चर्चा सुनाई देती रही। इस मामले में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला को भी मीडिया के सामने प्रतिक्रिया देनी पड़ी और विक्रमादित्य सिंह ने भी दिल्ली में अपने बयान को उत्तर प्रदेश से अलग करने की कोशिश की। मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए नेम प्लेट समेत आई-कार्ड अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इसका फैसला उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट पर होगा। विधानसभा अध्यक्ष ने स्ट्रीट वेंडर कमेटी गठित की है।

इस पॉलिसी को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव मिले हैं। इन पर विचार किया जाएगा। संजय अवस्थी ने कहा कि नेम प्लेट वाला बयान मंत्री निजी है। विक्रमादित्य के बयान के बाद देशभर में कांग्रेस बैकफुट पर आ गई थी। गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी की योगी सरकार ने पहचान पत्र अनिवार्य किए थे। तब कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के इस फैसले का विरोध किया था। अब विक्रमादित्य ने खुद कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल में भी रेस्टोरेंट, फास्ट फूड सेंटर और रेहड़ी-फड़ी संचालकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य करने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके विपरीत गुरुवार को दिल्ली में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनके बयान का उत्तर प्रदेश या योगी आदित्यनाथ से कोई लेना-देना नहीं है। हिमाचल प्रदेश एक अलग प्रांत है। राज्य के अपने अलग मुद्दे हैं। उन्होंने कहाए हाल के दिनों में हुई घटनाओं को देखते हुए आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। वहीं, हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। हिमाचल सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की यूपी से तुलना करना गलत है।

स्ट्रीट वेंडर्स की नेम प्लेट पर फैसला नहीं, सभी सुझावों पर विचार करेगी सरकार

शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य के बयान पर हिमाचल सरकार ने साफ की स्थिति

उत्तर प्रदेश की तरह हिमाचल में भी दुकानों और रेहड़ी-फड़ी पर विक्रेताओं की आईडी और पहचान लगाने संबंधी शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के सार्वजनिक बयान के बाद राज्य सरकार ने स्थिति साफ की है। हिमाचल सरकार की ओर से बताया गया कि स्ट्रीट वेंडर्स नीति के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त हुए हैं और इस मामले के हर पहलू पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी विक्रेता अपनी पहचान छुपा कर काम न करे। इस बयान पर राज्य सरकार की ओर से स्थिति साफ की गई है।

उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में सरकार ने बनाई कमेटी

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार ने विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकानों पर नेम प्लेट या अन्य पहचान अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस संदर्भ में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में कांग्रेस और भाजपा विधायकों की एक समिति का गठन किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री अनिरूद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक अनिल शर्मा, सतपाल सती, रणधीर शर्मा और हरीश जनारथा इस समिति के सदस्य हैं। समिति इस मामले में अपनी सिफारिशें देने से पूर्व सभी के सुझावों की समीक्षा करेगी।