HPU में दोबारा होगी गैर शिक्षक भर्ती, सरकार को भेजा प्रस्ताव
विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया के लिए प्रदेश सरकार को भेजा प्रस्ताव
प्रदेश विश्वविद्यालय में गत चार साल से लटकी गैर शिक्षकों की भर्ती दोबारा से होगी। एचपीयू प्रशासन ने इस मामले में दोबारा से सरकार को आवेदन पत्र भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद दोबारा से पद विज्ञापित होंगे। राहत भरी बात यह होगी कि पुराने आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को फीस नहीं देनी पड़ेगी। गौर रहे कि विवि की कार्यप्रणाली नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती में देरी के कारण सवालों के घेरे में है। इन भर्तियों के लिए 2020-21 में विज्ञापन जारी किया था, लेकिन अब तक इन भर्तियों के लिए परीक्षा आयोजित नहीं की गई। इससे विभिन्न पदों पर आवेदन करने वाले 52 हजार से ज्यादा बेरोजगार परेशान हैं। बताया जा रहा है कि विवि ने फीस के तौर पर 4.09 करोड़ रुपए जमा किए हैं। एचपीयू ने 2020-21 में नॉन टीचिंग स्टाफ कैटेगरी में विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदकों से 1200 रुपए (अनारक्षित) और 600 रुपए (आरक्षित) श्रेणी के लिए फीस ली गई है।
एचपीयू ने 2020 में 29-पोस्ट कोड में करीब 300 पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली थी। वहीं विवि प्रशासन ने पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में 2020-21 में नॉन टीचिंग स्टाफ के करीब 300 पदों को भरने के लिए दो बार विज्ञापन जारी किए थे। इन पदों के लिए प्रदेश के 52915 युवाओं ने आवेदन किया था। इनके फार्म और फीस से प्रशासन को चार करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। एचपीयू के प्रो वीसी प्रो. राजिंद्र वर्मा का कहना है कि विवि प्रशासन ने सरकार से मंजूरी लेने के लिए आवेदन किया है। हम आवेदन कर चुके उम्मीदवारों से दोबारा फीस नहीं लेंगे। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को सिर्फ फार्म भरना होगा।
