PMGSY : हिमाचल प्रदेश के 700 गांव की सडक़ों पर आज दिल्ली में लगेगी मुहर
पीडब्ल्यूडी की लिस्ट तैयार; प्रदेश में 250 से कम आबादी के हैं 497 गांव, ज्यादा जनसंख्या वाले 219 गांवों तक भी नहीं पहुंच पाया है रोड
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
केंद्र सरकार की मदद से पीडब्ल्यूडी हिमाचल में 700 से ज्यादा गांवों को सडक़ से जोडऩे की तैयारी में है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के प्रारूप में इन सडक़ों का चयन किया गया है। इनमें 497 गांव ऐसे हैं, जिनमें आबादी 100 से 250 के बीच है, जबकि करीब 219 गांव ऐसे हैं, जहां की आबादी 250 से अधिक है। हिमाचल पीडब्ल्यूडी का प्लान दिल्ली में काम कर गया, तो करीब 4000 करोड़ रुपए की सौगात प्रदेश को मिलेगी और यह पीएमजीएसवाई में अब तक मिले बजट में सबसे ज्यादा होगी। अब तक 3000 करोड़ रुपए ही सबसे बड़ी रकम है, जो बीते साल विभाग को मिल चुकी है। पीएमजीएसवाई-4 में 2800 करोड़ रुपए से नई सडक़ें तैयार की जाएंगी, जबकि 1200 करोड़ रुपए सडक़ों के रखरखाव पर खर्च होने की संभावना है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में छोटी-छोटी आबादी वाले गांव को सडक़ से जोडऩे जा रही है। इस क्रम में पीडब्ल्यूडी ने शुरुआत से ही कम आबादी वाले गांव की सूची तैयार करना शुरू कर दिया था और अब पूरे आंकड़े विभाग के पास जमा हो चुके हैं।
पीएमजीएसाई के चौथे चरण को लेकर मंगलवार को दिल्ली में बैठक होने वाली है। इस बैठक में पीएमजीएसवाई की गाइडलाइन तय की जाएगी। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में केंद्र सरकार कम खर्च और नई तकनीक से सडक़ें बनाने को लेकर भी प्लान तय कर सकती है। 700 गांवों का आंकड़ा हिमाचल में पीडब्ल्यूडी ने पहले ही तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण के लिए 70 हजार 125 करोड़ रुपए का कुल बजट तय किया है। हिमाचल की तैयारी के हिसाब से बड़ा हिस्सा प्रदेश को मिल सकता है। इससे पहले भी हिमाचल को पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण में अन्य पहाड़ी राज्यों के मुकाबले सबसे पहले 3000 करोड़ रुपए की भारी-भरकम मंजूरी मिली थी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश के बाद प्रदेश में पीएमजीएसवाई के तहत सडक़ों का चयन और उनके निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रही सरकार
दिल्ली में होने वाली बैठक से ठीक पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य ने बड़े संकेत दिए हैं। उन्होंने केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में केंद्रीय मंत्री अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं और राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र से मदद हासिल करने के लिए वह लगातार प्रयासरत रहेंगे।
90-10 के अनुपात में मदद
हिमाचल को पीएमजीएसवाई में मिलने वाली मदद 90 और 10 के अंतराल में मिलेगी। यानी केंद्र सरकार की हिस्सेदारी के मुकाबले प्रदेश को महज 10 फीसदी ही चुकाना होगा। केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों के लिए यह रियायत दी है, जबकि मैदानी प्रदेशों में यह अनुपात 60 और 40 प्रतिशत का है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण के लिए 70 हजार 125 करोड़ रुपए तय किए हैं। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी करीब 50 हजार करोड़ रुपए होगी।
