आतिशबाजी से बद्दी की हवा में घुला जहर, मानकों पर खरे उतरे ये शहर
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
ग्रीन स्टेट के रूप में विकसित हो रहे हिमाचल प्रदेश में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि आम दिनों में पर्यावरण पर किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं है, मगर दीपावली के त्योहार पर हिमाचल प्रदेश में न केवल ध्वनि प्रदूषण काफी ज्यादा रहा है, बल्कि वायु प्रदूषण में भी प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी नंबर वन पर आया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीपावली के विशेष मौके पर राज्य के कई प्रमुख शहरों की मॉनिटरिंग की है, जिसमें सात शहरों में ध्वनि प्रदूषण ज्यादा दर्ज हुआ है । वहीं अभी तक मिली वायु प्रदूषण की रिपोर्ट में बद्दी नंबर वन पर है। बद्दी में वायु प्रदूषण पहले के मुकाबले ज्यादा बताया जा रहा है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के आकलन में उसे पुअर की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके साथ ध्वनि प्रदूषण की बात करें तो प्रदेश के साथ शहर ऐसे हैं, जहां पर दीपावली की रात बेहद ज्यादा शोरगुल हुआ और तय मापदंडों के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण निर्धारित दर से ऊपर चला गया।
इसमें चार शहर ऐसे हैं, जिनमें स्थिति पिछले साल के मुकाबले में बेहतर रही है। वायु प्रदूषण की बात करें तो बद्दी की आबोहवा ज्यादा प्रदूषण से प्रभावित हुई और जहरीली मानी जा सकती है। दीपावली से दो दिन पहले तक ही बद्दी में वायु प्रदूषण की मात्रा बढऩी शुरू हो चुकी थी, जो कि दीपावली की रात और शुक्रवार की सुबह मापकों से ज्यादा रही है। यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर सुबह के समय दिखाया गया था और शुक्रवार शाम के समय यह 297 तक पहुंचा है। 200 से ऊपर किसी भी शहर में वायु प्रदूषण की मात्रा यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स का आंकड़ा जाने पर उसे पुअर की श्रेणी में
