Himachal Pradesh

उद्योगों पर प्रदूषण बोर्ड की सख्ती, पर्यावरण संरक्षण में लापरवाही पड़ेगी भारी

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हिमाचल प्रदेश में बद्दी समेत इंडस्ट्रियल एरिया की बिगड़ी है आबोहवा, पंचायतों-नगर निगम-नगर परिषदों को मिलकर करना होगा काम
हिमाचल प्रदेश में उद्योगों द्वारा फैलाए जाने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त कदम उठाने वाला है। उद्योग मालिकों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से हिदायत भरा पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। हाल ही में जिस तरह के हालात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चल रहे हैं उससे सभी सचेत हैं। पिछले दिनों दीपावली के बाद खासकर बद्दी की आबोहवा खराब हुई है और लगातार खराब चल रही है।
हालांकि उस तरह के हालात नहीं हैं जैसे दिल्ली के हैं मगर फिर भी बद्दी प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है और यहां पर पर्यावरण को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी की ओर से उद्योग संस्थाओं और उद्योगों को निर्देश जारी किए हैं। फील्ड कार्यालयों के माध्यम से यह निर्देश जारी किए हैं जो कि बद्दी समेत दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी है। उनको कहा गया है कि वह स्थानीय पंचायतों और नगर पंचायतों या नगर परिषदों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करें और अपने उद्योगों से किसी भी तरह से प्रदूषण न फैले इस पर ध्यान रखें। फील्ड अफसरों को अगले कुछ दिनों तक लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
बद्दी खास में 150, परवाणू में एक्यूआई इंडेक्स 114

शहरों के एक्यूआई इंडेक्स की बात करें तो शिमला में यह 42 चल रहा है, तो परवाणू में 114। धर्मशाला में 63 है, तो डमटाल में 66,पांवटा साहिब में 85, ऊना में 68, बद्दी बरोटीवाला में 99 तो बद्दी खास में 150 तक